शिमला, सुरेन्द्र राणा: शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चिट्टा तस्करी के मामलों में चंडीगढ़ और अमृतसर से दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। एएसपी अभिषेक ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी।
एएसपी शिमला (हेडक्वार्टर) अभिषेक ने बताया कि शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नशा तस्करी के नेटवर्कों को ध्वस्त करने पर विशेष फोकस किया गया है।
उन्होंने बताया कि 13 मई 2026 को पुलिस थाना ढली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी निखिल ठाकुर और सुलभ थापा को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 11 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकिज पर काम करते हुए डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि इस खेप का सप्लायर चंडीगढ़ निवासी आकाश है। इसके बाद पुलिस थाना ढली की टीम ने 15 मई को आरोपी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। इसी तरह थाना रामपुर में दर्ज एक अन्य मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के कब्जे से 9 ग्राम चिट्टा और इस्तेमाल की हुई डिस्पोजेबल सिरिंज बरामद की थी। मामले की जांच के दौरान मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल में सामने आया कि इस खेप की सप्लाई अमृतसर निवासी अमनदीप सिंह द्वारा की गई थी।
इसके बाद पुलिस थाना कुमारसैन की टीम ने कार्रवाई करते हुए 15 मई को आरोपी अमनदीप सिंह को अमृतसर से गिरफ्तार किया। एएसपी अभिषेक ने बताया कि वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने एनडीपीएस मामलों की जांच की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। बैकवर्ड लिंकिज और सप्लाई चेन की गहन जांच के चलते इस साल अब तक 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल सहित विभिन्न राज्यों में सक्रिय 29 अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्कों को ध्वस्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से मादक पदार्थों की सप्लाई चेन कमजोर हो रही है और भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी। जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।
