चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद: मनोज सोनकर फिलहाल बने रहेंगे मेयर, हाईकोर्ट ने प्रशासन से तीन सप्ताह में मांगा जवाब

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चंडीगढ़, सुरेंद्र राणा; आप-कांग्रेस गठबंधन के पास बहुमत होते हुए भी पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह पर वोटों की गिनती के दौरान मतपत्रों से छेड़छाड़ कर भाजपा के प्रत्याशी को जिताने का आरोप लगाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन व अन्य प्रतिवादियों को 26 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने व चुनाव परिणाम पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है जो याची पक्ष के लिए बड़ा झटका रहा।

धांधली का आरोप लगाते हुए मेयर पद के लिए कांग्रेस-आप के प्रत्याशी कुलदीप कुमार ने बताया गया कि हाईकोर्ट में चंडीगढ़ के डीजीपी ने पारदर्शी चुनाव करवाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई थी। बावजूद इसके चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए। बीजेपी के प्रत्याशी को जिताने के लिए आप-कांग्रेस गठबंधन के वोटों के साथ छेड़छाड़ हुई।
याचिका में मेयर चुनाव की प्रक्रिया को रद्द करने, चुनाव से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड सील करने, मेयर के पदभार संभालने पर रोक लगाने, इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में हुई धांधली की जांच करवाने और नए सिरे से हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में चुनाव करवाने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है

बुधवार को सुनवाई आरंभ होते ही याची पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट गुरमिंदर गैरी पेश हुए और मंगलवार को मेयर चुनाव की प्रक्रिया के दौरान पीठासीन अधिकारी की ओर से मतपत्रों से छेड़छाड़ को लेकर पूरी जानकारी दी। हाईकोर्ट ने याची पक्ष को सुनने के बाद याचिका पर नोटिस जारी कर दिया लेकिन किसी भी प्रकार का अंतरिम आदेश जारी नहीं किया।

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