मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संपत्ति विवाद पर दी सफाई

मेरी संपत्ति पर फैलाया जा रहा भ्रम राजनीतिक चाल, 20 सालों से एफिडेविट में दर्ज है यही ब्योरा’: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

Spread the love

​शिमला (पंजाब दस्तक/ ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा):
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया और सोशल मीडिया पर उनकी संपत्ति को लेकर चलाई जा रही खबरों तथा भाजपा के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में नाम उछाले जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे अपनी राजनीतिक छवि को खराब करने की सोची-समझी साजिश करार दिया।


​20 साल पुराने ब्योरे को नया बताकर किया जा रहा दुष्प्रचार
​पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस संपत्ति की बात की जा रही है, उसमें कोई भी नई संपत्ति शामिल नहीं हुई है।
​”यह वही संपत्ति है जो मैं पिछले 20 सालों से अपने चुनावी हलफनामों (Affidavits) में दिखाता आ रहा हूँ। जब से मैं मुख्यमंत्री बना हूँ, मेरी संपत्ति बढ़ी नहीं बल्कि कम हुई है, जो अगले चुनाव के हलफनामे में सबके सामने आ जाएगी।”


सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री (हिमाचल प्रदेश)
​उन्होंने कहा कि लगभग 20 साल पहले उन्होंने शिमला में 12 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा था और उस पर मकान बनाया था। आज के समय में उस संपत्ति का मूल्यांकन (Valuation) बदल सकता है, लेकिन संपत्ति वही पुरानी है।


​‘मेहनत और ईमानदारी से बनाई संपत्ति, किसी भी जांच के लिए तैयार’
​मुख्यमंत्री ने विरोधियों, विशेषकर भाजपा द्वारा किए जा रहे सोशल मीडिया ट्रोलिंग का जवाब देते हुए कहा कि वह एक आम परिवार से आते हैं और उन्होंने पिछले 40 वर्षों तक शिमला में कड़ी मेहनत की है।


​पारदर्शिता का दावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग के एफिडेविट में कोई भी झूठी जानकारी नहीं दी जाती।
​केंद्रीय एजेंसियों की चुनौती: उन्होंने कहा कि यदि किसी को भी उनकी संपत्ति पर कोई संदेह है, तो वह ED (प्रवर्तन निदेशालय) या CBI से इसकी जानकारी ले सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि इस संपत्ति की पहले भी जांच हो चुकी है।


​शैक्षणिक योग्यता पर भी उठाई आपत्ति
​मुख्यमंत्री सुक्खू ने मीडिया में आ रही अपनी शैक्षणिक योग्यता की खबरों पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि उनके ब्योरे में केवल ‘एमए (पॉलिटिकल साइंस)’ ही हाइलाइट किया गया है, जबकि उन्होंने लॉ (LLB) और एमबीए (MBA) की पढ़ाई भी की है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि उनकी पूरी शैक्षणिक योग्यता को सही तरीके से दर्शाया जाए।


​राजनीतिक छवि बिगाड़ने की साजिश
​सुक्खू ने अफसोस जताते हुए कहा कि जिस संपत्ति का ब्योरा 20 सालों से सार्वजनिक है, उसे अचानक इस तरह पेश किया जा रहा है जैसे कोई नई संपत्ति अर्जित की गई हो। यह उत्तर भारत में उनकी छवि को धूमिल करने और राजनीतिक लाभ उठाने का एक विफल प्रयास है।


​पंजाब दस्तक को सब्सक्राइब करें, फॉलो करें और शेयर भी करें।
​यदि आपके पास भी कोई खबर या समस्या है—चाहे वह गाँव की हो, शहर की हो या पंचायत की—आप हमें 9418055488 पर भेज सकते हैं। आपकी बात प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुँचाई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *