सरोज प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी बने

सचिवालय कैडर के कर्तव्यनिष्ठ व ईमानदार अधिकारी सरोज बने प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी: सीएम सुक्खू के साथ निभा रहे अहम दायित्व, सचिवालय से लेकर हमीरपुर और पैतृक गांव बराड़ा में खुशी की लहर

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​विशेष रिपोर्ट: वरिष्ठ पत्रकार काजल (पंजाब दस्तक)
शिमला / हमीरपुर:


​हिमाचल प्रदेश सचिवालय कैडर के बेहद कर्मठ, मिलनसार और बेदाग छवि वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सरोज को सरकार द्वारा पदोन्नति का बड़ा तोहफ़ा दिया गया है। सचिवालय कैडर में अपनी कार्यकुशलता और निष्ठा का लोहा मनवाने वाले सरोज को पदोन्नत कर प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी बनाया गया है। वर्तमान में वे प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।


​मूल रूप से जिला हमीरपुर के बराड़ा गांव से ताल्लुक रखने वाले सरोज उच्च शिक्षित हैं और उन्होंने कानून की उच्च शिक्षा (LLB व LLM) हासिल की है। कानून के गहरे जानकार होने के चलते नियमों, प्रक्रियाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उनकी बेहतरीन पकड़ है।


​काम में ‘जीरो पेंडेंसी’, जनता की चिट्ठियों और मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तुरंत एक्शन:
सरोज की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान उनकी तत्परता, समयबद्धता और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता है। सुबह की शुरुआत से लेकर देर रात तक वे निरंतर सक्रिय रहकर अपने काम में जुटे रहते हैं। जब भी प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों से आम जनता, किसान, युवा, कर्मचारी या फरियादी मुख्यमंत्री जी से मिलने आते हैं और अपनी समस्याएं व मांगपत्र (चिट्ठियां) सौंपते हैं, तो सरोज उन पर फौरन एक्शन लेते हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जनता के हित में दिए गए हर एक निर्देश और आदेश का वे तुरंत फॉलो-अप करते हैं।


​चाहे किसी भी जिले से जुड़ा प्रशासनिक मसला हो, सचिवालय की कोई फाइल हो या फिर किसी आम नागरिक की कोई दरख्वास्त—सरोज की टेबल पर कोई भी काम लंबित नहीं रहता। हर चिट्ठी और फाइल का तुरंत निपटारा करना, संबंधित विभागों से जवाबदेही सुनिश्चित करना और मुख्यमंत्री जी के जनहितैषी विजन को धरातल पर उतारना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।


​हंसमुख स्वभाव, विनम्रता और बेमिसाल ईमानदारी के कायल हैं सभी:
काम का कितना भी भारी दबाव क्यों न हो, उनके चेहरे पर हमेशा एक सहज और सौम्य मुस्कान बनी रहती है। सचिवालय में उनसे मिलने आने वाला हर व्यक्ति उनके सरल, शालीन और सहयोगात्मक व्यवहार का कायल हो जाता है। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने कई पूर्व मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ मंत्रियों और मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) के साथ अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां बखूबी निभाई हैं, लेकिन उनकी ईमानदारी, कार्यनिष्ठा और नेकनीयती हर जगह एक मिसाल बनी हुई है।


​चतुर्थ श्रेणी से लेकर HODs तक बधाई देने वालों का लगा तांता:
सरोज के मिलनसार, सहज और मददगार स्वभाव के चलते सचिवालय का हर वर्ग उनसे गहरा जुड़ाव महसूस करता है। यही कारण है कि उनकी पदोन्नति की सूचना मिलते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
​सचिवालय के चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मचारियों से लेकर क्लास थ्री (Class-III) कर्मी, सेक्शन ऑफिसर्स (SO), पर्सनल असिस्टेंट (PA), प्राइवेट सेक्रेटरी (PS), प्रशासनिक अधिकारी (Administrative Officers), राजपत्रित अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष (Head of Departments – HODs) व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।


​वहीं, उनके गृह जिला हमीरपुर और पैतृक गांव बराड़ा में भी खुशी और गर्व का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव के बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत, सादगी और लगन से यह मुकाम हासिल कर पूरे इलाके का मान बढ़ाया है। सभी का एक स्वर में कहना है कि एक ईमानदार, हंसमुख और कर्मठ अधिकारी को यह पदोन्नति मिलना उनकी उत्कृष्ट सेवाओं का सच्चा सम्मान है।


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