पंजाब दस्तक ब्यूरो
रोहड़ू (हिमाचल प्रदेश) से वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र नेगी की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी की अंतर्कलह और गुटबाजी अब बंद कमरों से निकलकर सीधे मंच और सड़कों पर आ चुकी है। मुख्यमंत्री के हालिया रोहड़ू दौरे के बाद क्षेत्र का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। रोहड़ू से भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रत्याशी एवं वरिष्ठ नेत्री शशि बाला ने एक वीडियो संदेश जारी कर कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायक मोहनलाल ब्राक्टा की कार्यशैली की धज्जियां उड़ा दी हैं। शशि बाला ने सीधा आरोप लगाया है कि कांग्रेस में अब पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह (राजा साहब) के परिवार को सुनियोजित तरीके से दरकिनार करने की घटिया राजनीति चल रही है।
’जिनके दम पर 3 बार विधायक बने, उनका नाम तक लेना भूल गए ब्राक्टा’
जारी वीडियो में भाजपा नेत्री शशि बाला ने विधायक मोहनलाल ब्राक्टा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह वही मोहनलाल ब्राक्टा हैं, जो कल तक हर मंच से यह रट लगाते थे कि क्षेत्र में जो भी पत्थर लगा है, जो भी विकास हुआ है, वह सिर्फ और सिर्फ ‘राजा साहब’ की देन है। लेकिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहली बार ऐसा देखने को मिला जब विधायक ब्राक्टा ने अपने पूरे भाषण के दौरान एक बार भी ‘राजा साहब’ का नाम तक जुबान पर नहीं लाया।
शशि बाला ने कड़े शब्दों में चेताते हुए कहा—
”मोहनलाल ब्राक्टा जी यह मुगालता छोड़ दें। रोहड़ू से अगर आप लगातार तीन बार विधायक बने हैं, तो वह सिर्फ और सिर्फ राजा वीरभद्र सिंह जी का आशीर्वाद और उनकी बदौलत है। आज कुर्सी और सत्ता मिलते ही आप उसी राज परिवार के अहसानों को भूल बैठे हैं।”
न पोस्टरों में राजा साहब की तस्वीर, न पट्टिकाओं पर PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम
शशि बाला ने कांग्रेस की गुटबाजी का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान पूरे रोहड़ू में जो स्वागत पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए थे, उनमें कहीं भी राजा वीरभद्र सिंह की तस्वीर तक नहीं लगाई गई। जनता ने अपनी आंखों से देखा कि कैसे जानबूझकर राज परिवार की उपेक्षा की गई।
इतना ही नहीं, जिस लोक निर्माण विभाग (PWD) के करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास किए गए, उसी विभाग के मुखिया और कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम किसी भी उद्घाटन पट्टिका पर दर्ज नहीं था। शशि बाला ने सवाल उठाया कि क्या यह सरेआम गुटबाजी नहीं है? साफ जाहिर होता है कि विधायक मोहनलाल ब्राक्टा खुद इस षड्यंत्र का हिस्सा बनकर राज परिवार को रोहड़ू की राजनीति से मिटाने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
’मुख्यमंत्री तो आए, नाचे-गाए और चल दिए’
मुख्यमंत्री के दौरे पर तीखा तंज कसते हुए भाजपा नेत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री को रोहड़ू की जनता और यहां के मान-सम्मान से क्या लेना-देना? उन्हें यहां से कोई वोट थोड़े ही मांगना है। वे तो रोहड़ू आए, मंच पर नाचे-गाए, मौज-मस्ती की और शिमला निकल लिए।
शशि बाला ने दो टूक शब्दों में कहा कि रोहड़ू की जनता सब देख और समझ रही है। जिस वीरभद्र परिवार ने रोहड़ू को पूरे हिमाचल में विकास का मॉडल बनाया, उसी परिवार की पीठ में छुरा घोंपने वालों को क्षेत्र की जनता कभी माफ नहीं करेगी और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।
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