New GST Rates List: ब्रेड-दूध से लेकर AC-कार तक क्या-क्या होगा सस्ता? ये रही जीएसटी की नई रेट लिस्ट

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने दूसरी पीढ़ी के आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाते हुए जीएसटी दरों (New GST Rates List) पर बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब जीएसटी की सिर्फ दो दरें पांच और 18 प्रतिशत होंगी। 12 और 28 प्रतिशत के स्लैब को खत्म करने के फैसले पर जीएसटी काउंसिल ने सर्वसम्मति से मुहर लगा दी है।

यह फैसला महंगाई से जूझ रही आम जनता के लिए बड़ा राहत देने वाला और अर्थव्यवस्था को बूस्टर डोज देने वाला साबित हो सकता है। इससे ब्रेड और दूध से लेकर एसी और कार तक सस्ते होंगे।नई दरें 22 सितंबर यानी नवरात्र के पहले दिन से लागू होंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से पहले ही कह चुके हैं इस बार देशवासियों को दोहरी दीपावली मनाने का मौका मिलेगा।जरूरत की चीजों पर कितनी रह जाएगी जीएसटी?बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पत्रकारों को बताया कि यह केवल जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाना नहीं, बल्कि संरचनात्मक सुधार और अनुपालन को आसान बनाना है। इन सुधारों से आम आदमी के इस्तेमाल की अधिकांश वस्तुओं के मूल्य में कमी आएगी।

आम आदमी या मध्य वर्ग के इस्तेमाल की वस्तुओं जैसे बालों में लगाने वाले तेल, साबुन और साइकिल पर जीएसटी दर 12 या 18 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत रह जाएगी। रोटी और परांठा पर कोई जीएसटी नहीं होगा। जीवनरक्षक दवाओं पर शून्य कर लगेगा।वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव को लेकर काउंसिल में सभी फैसले आम सहमति से लिए गए हैं और किसी भी राज्य ने विरोध नहीं किया है। इन सुधारों से सरकार को 47,700 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व नुकसान होगा। तंबाकू, सिगरेट और लग्जरी कारों जैसी विलासिता की वस्तुओं पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है।

अब प्रमुख वस्तुओं पर कर (New GST सभी प्रकार

के टीवी 18 प्रतिशत350 सीसी इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिल 18 डीक्राफ्ट

,मार्बल, ग्रेनाइट ब्लाक पांच प्रतिशत ,सीमेंट 18 प्रतिशत,तिपहिया वाहन 18 प्रतिशत सभी प्रकार के आटो उपकरण 18 प्रतिशत,पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, सिगरेट, अतिरिक्त चीनी युक्त पेय 40 प्रतिशतजीएसटी का वर्तमान स्लैब जीएसटी

प्रणाली में इस समय कर के चार स्लैब हैं। इनमें 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत शामिल हैं। इसके अलावा सोने के लिए एक विशेष दर 3 प्रतिशत है।कार, तंबाकू जैसी विलासिता की वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति सेस भी लगाया जाता है। 22 सितंबर से जीएसटी प्रणाली में केवल दो दरें होंगी-5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। 40 प्रतिशत की विशेष दर भी शामिल की गई है। तेजी से घूमेगा अर्थव्यवस्था का पहियाविशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से घरेलू खपत में जोरदार तेजी आ सकती है। खास कर मध्यम वर्ग चीजों पर पैसा खर्च करेगा। मांग बढ़ने से निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।सरकार को उम्मीद है कि 50,000 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व नुकसान के बावजूद बाजार की गतिविधियों में तेजी आएगी और अर्थव्वस्था की रफ्तार बढ़ेगी। इस तरह से सरकारी राजस्व को होने वाले तात्कालिक नुकसान की भरपाई हो जाएगी।

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