सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ
हिमाचल प्रदेश में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में एक तरफ जहाँ लोकतंत्र का उत्सव मना और रिकॉर्ड 80.4% मतदान हुआ, वहीं दूसरी तरफ सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की री पंचायत के कंगरी वार्ड से एक ऐसा सच सामने आया है, जो विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यहाँ के ग्रामीणों ने भारी और दुखी मन से मतदान का बहिष्कार कर लोकतंत्र के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है।
”विकास से दूर, हम उपेक्षित क्यों?”
कंगरी वार्ड के निवासियों और महिलाओं ने पंजाब दस्तक की टीम से बात करते हुए अपना दर्द साझा किया। उन्होंने पूछा, “क्या हम भारतवर्ष, हिमाचल प्रदेश और हमीरपुर का हिस्सा नहीं हैं?” ग्रामीणों का कहना है कि आज के आधुनिक युग में भी उनका क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित है।
सड़क की भारी किल्लत: ग्रामीणों का सबसे बड़ा मुद्दा गांव तक पक्की सड़क का न होना है। उन्होंने बताया कि सड़क न होने के कारण उन्हें बुनियादी जरूरतों के लिए भी मीलों दूर का सफर करना पड़ता है।
सुविधाओं का अभाव: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने लंबे समय से उनके क्षेत्र की सुध नहीं ली है। आज भी उनका इलाका पिछड़ा हुआ है, जबकि वे लगातार मांग करते रहे हैं।
दुखी मन से मतदान का बहिष्कार: मतदान केंद्र (कंगरी स्कूल) के बाहर चिलचिलाती धूप में खड़े ग्रामीणों की आंखों में आंसू और मन में गहरा दुख था। उन्होंने कहा, “जब हमारी कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है, तो हम वोट क्यों डालें? वोट हमारा अधिकार है, लेकिन यह अधिकार हमें सुविधा और सम्मान भी तो दिलाना चाहिए।”
प्रशासन के प्रति आक्रोश
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रशासन को अपनी समस्याओं से पहले ही अवगत करा दिया था, परंतु हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं। आज, मतदान के दिन भी वे इस उम्मीद में बाहर खड़े थे कि शायद कोई उनकी सुध ले, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने ‘वोट न देने’ का कठिन निर्णय लिया।
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, वे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी इसी तरह कड़ा विरोध जारी रखेंगे।
प्रदेश में मतगणना का दौर
इस हृदयविदारक घटना के इतर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, चंबा, सिरमौर और भरमौर सहित पूरे प्रदेश में जिला परिषद (जीप) और बीडीसी (BDC) के मतों की गिनती जारी है। मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच अगले कुछ घंटों में पंचायत प्रतिनिधियों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
सुजानपुर की री पंचायत के कंगरी वार्ड की यह घटना प्रदेश के उन सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए एक आईना है, जो ग्रामीण हिमाचल की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर रहे हैं।
[पंजाब दस्तक]
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सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ
