पंजाब दस्तक
विशेष रिपोर्ट: मीनाक्षी, भेषज, काजल (पंजाब दस्तक टीम)
शिमला/धर्मशाला/हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 48 घंटों को पूरे प्रदेश के लिए बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण बताते हुए राज्य के छह प्रमुख जिलों—शिमला, मंडी, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और ऊना—में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही हमीरपुर सहित अन्य निचले व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
मूसलाधार बारिश और गरज-चमक की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की मूसलाधार गर्जना देखने को मिलेगी। तेज बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश में अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन की सख्त हिदायत:
मौसम विभाग और प्रशासन ने आम जनता व पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें और सरकारी एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें।
भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और ब्लैकआउट का खतरा
लगातार हो रही इस भारी बारिश के कारण राज्य में निम्नलिखित बड़े खतरे बने हुए हैं:
भूस्खलन (Landslides): पहाड़ी रास्तों और संवेदनशील इलाकों में चट्टानें खिसकने और फिसलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो सकता है।
बाढ़ व जलभराव: नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से अचानक बाढ़ (Flash Flood) और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
जरूरी सेवाएं प्रभावित: भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बिजली, पेयजल और संचार सेवाएं भी बाधित हो सकती हैं।
22 जुलाई तक थमने के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 22 जुलाई तक और निचले मैदानी क्षेत्रों में अगले कई दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय बना रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग समय-समय पर नई गाइडलाइंस और चेतावनी जारी करता रहेगा।
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