पंजाब दस्तक
विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: काजल (वरिष्ठ पत्रकार, पंजाब दस्तक, बिलासपुर)
बिलासपुर:हिमाचल प्रदेश को नशे के काले साम्राज्य से मुक्त कराने की दिशा में बिलासपुर जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ी नजीर पेश की है। ड्रग्स और नशा तस्करी के गंभीर मामलों में संलिप्त पाए गए 5 सरकारी कर्मचारियों को प्रशासनिक सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त (टर्मिनेट) कर दिया गया है। इसी फेहरिस्त में शामिल 4 अन्य दागियों को भी महकमे से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए प्रदेश सरकार को अंतिम संस्तुति भेज दी गई है।
नशे के इस खतरनाक नेटवर्क को तोड़ने के लिए ‘पंजाब दस्तक’ की टीम और हमारी ग्राउंड रिपोर्टर काजल लगातार धरातल पर मुस्तैद हैं। हमारी इस निरंतर मुहिम के बीच प्रशासन के इस कड़े हंटर से पूरे सरकारी तंत्र में हड़कंप मच गया है।
डीसी राहुल कुमार की सीधी चेतावनी: “रक्षक ही भक्षक बने, तो खैर नहीं”
इस बड़ी कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बिलासपुर के जिलाधीश (डिप्टी कमिश्नर) राहुल कुमार ने दोटूक कहा है:
”सरकारी मुलाजिमों पर समाज को एक सही दिशा देने की जिम्मेदारी होती है, वे लोगों के लिए रोल मॉडल होते हैं। लेकिन जब रक्षक ही खुद इस अवैध धंधे में उतरकर भक्षक बन जाएं, तो समाज में बेहद घातक संदेश जाता है। नशे के सौदागरों के खिलाफ हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। इस काले कारोबार में शामिल किसी भी रसूखदार, अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
’पंजाब दस्तक’ की पड़ताल: बच्चों के कल को निगल रहा है नशे का जाल
बिलासपुर जिले में इस समय कुल 9 सरकारी कर्मियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) कानून के तहत संगीन मुकदमे दर्ज हैं। जांच में साफ हुआ है कि नशे का यह जाल बहुत गहरा और शातिराना है, जो सीधे तौर पर हमारे नौनिहालों और युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह खोखला कर रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर की गई पूरी सर्जिकल स्ट्राइक इस प्रकार है:
5 पर तुरंत गिरी गाज: विभागीय तफ्तीश और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही पांच कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है।
4 की फाइल शिमला रवाना: बाकी बचे 4 कर्मचारियों की बर्खास्तगी की फाइल तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दी गई है। वहां से मुहर लगते ही इनकी सेवा भी समाप्त कर दी जाएगी।
कई और चेहरे रडार पर: खुफिया इनपुट्स के मुताबिक, इस नेटवर्क की कड़ियां कुछ और कर्मचारियों से भी जुड़ रही हैं, जिन पर प्रशासन की पैनी नजर है।
कोई नरमी नहीं, कानूनी शिकंजा रहेगा बरकरार
इन सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में सख्त कानूनी प्रक्रिया जारी है। बिलासपुर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस मामले की पूरी विभागीय और न्यायिक जांच अपने अंजाम तक नहीं पहुंच जाती, तब तक किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई या रहम नहीं बरती जाएगी। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े मगरमच्छों के बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है।
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