हिमाचल निकेतन द्वारका दिल्ली का नवनिर्मित भवन

दिल्ली में हिमाचल वासियों को सुक्खू सरकार का बड़ा दिवाली गिफ्ट: द्वारका में 107 कमरों का ‘हिमाचल निकेतन’ तैयार; छात्रों और मरीजों को मिलेगा सस्ता आशियाना, जानें लागत से लेकर लोकार्पण की पूरी पड़ताल

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​सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक, नई दिल्ली
​नई दिल्ली: त्योहारों के इस सीजन में देश की राजधानी दिल्ली आने वाले हिमाचल प्रदेश के लाखों नागरिकों, युवाओं और मरीजों को राज्य की सुक्खू सरकार एक बड़ा ‘दिवाली गिफ्ट’ देने जा रही है। पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, गंभीर बीमारियों के इलाज या सरकारी व निजी कामकाज के सिलसिले में दिल्ली आने वाले हिमाचल वासियों को अब महंगे होटलों में भटकने की मजबूरी से मुक्ति मिलने वाली है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका (सेक्टर-19) में बनकर तैयार हुआ भव्य बहुमंजिला आवासीय परिसर ‘हिमाचल निकेतन’ अब पूरी तरह लोकार्पण की दहलीज पर खड़ा है। मंडी हाउस स्थित ‘हिमाचल भवन’ और चाणक्यपुरी स्थित ‘हिमाचल सदन’ के बाद राजधानी में हिमाचल वासियों के लिए यह तीसरा आधिकारिक सरकारी ठिकाना होगा।


​लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार भवन का 99 प्रतिशत सिविल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में लिफ्ट सुरक्षा प्रमाणीकरण, फायर एनओसी व अंतिम तकनीकी जांच का काम चल रहा है। प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी है कि दिवाली के आसपास या नवंबर के पहले पखवाड़े में इसका औपचारिक उद्घाटन कर इसे प्रदेशवासियों को दिवाली के बड़े तोहफे के रूप में समर्पित कर दिया जाए।


​₹57 करोड़ से शुरू हुआ प्रोजेक्ट, ₹190 करोड़ तक पहुंची लागत
​शिलान्यास: इस आवासीय परिसर की आधारशिला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 15 फरवरी 2023 को रखी थी।
​बजट में विस्तार: शुरुआती चरण में परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹57.72 करोड़ तय की गई थी। हालांकि, निर्माण के दौरान डिजाइन में बदलाव, डबल बेसमेंट पार्किंग, आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, अतिरिक्त मंजिलों, उच्च सुरक्षा मानकों और फोर-स्टार स्तर के इंटीरियर को जोड़ने के चलते इसका कुल बजट बढ़कर करीब ₹145 करोड़ से ₹190 करोड़ के दायरे में पहुंच गया।


​दिल्ली में हिमाचल सरकार के तीन परिसरों की स्थिति
​द्वारका स्थित इस नए भवन के चालू होने के बाद दिल्ली में हिमाचल सरकार की कुल तीन संपत्तियां उपलब्ध होंगी:
​हिमाचल भवन: 27, सिकंदरा रोड, मंडी हाउस (सेंट्रल दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट व मंत्रालयों के निकट)।
​हिमाचल सदन: 18, सरदार पटेल मार्ग, चाणक्यपुरी (डिप्लोमैटिक एन्क्लेव)।
​हिमाचल निकेतन: सेक्टर-19, द्वारका (आईजीआई एयरपोर्ट और द्वारका कोर्ट्स के समीप)।


​107 कमरों का ढांचा: किसे क्या मिलेगा?
​पांच मंजिला इस विशाल भवन में कुल 107 कमरों का निर्माण किया गया है, जिसका आवंटन पारदर्शी सरकारी व्यवस्था के तहत होगा:
​छात्रों के लिए 36 कमरे आरक्षित: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), न्यायिक सेवा, मेडिकल और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं व साक्षात्कारों के लिए दिल्ली आने वाले प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए 36 कमरे पूरी तरह आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा कम बजट वाले छात्रों के लिए डॉरमेट्री की व्यवस्था भी रखी गई है।


​मरीजों और तीमारदारों को प्राथमिकता: दिल्ली के एम्स (AIIMS), सफदरजंग, आरएमएल या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर होकर आने वाले गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के लिए विशेष कोटा रहेगा, ताकि उन्हें महंगे होटलों में न भटकना पड़े।
​आम नागरिकों के लिए फैमिली रूम्स: व्यक्तिगत, कानूनी या व्यापारिक कार्यों से दिल्ली आने वाले हिमाचल के आम नागरिकों के लिए 40 से अधिक सुइट्स और सामान्य कमरे उपलब्ध रहेंगे।
​वीआईपी व आधिकारिक सुइट्स: राज्य सरकार के मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आधिकारिक बैठकों के सिलसिले में आने वाले गणमान्य अतिथियों के लिए आधुनिक सुइट्स का प्रावधान किया गया है।


​बड़ा सवाल: पांगी, भरमौर, किन्नौर और दूरदराज के गरीब बच्चों तक कैसे पहुंचेगी सुविधा? सूचना तंत्र पर उठते सवाल
​’हिमाचल निकेतन’ का निर्माण निश्चित तौर पर सराहनीय कदम है, लेकिन इसके सामने सबसे बड़ी जमीनी चुनौती ‘सूचना का अभाव’ है। अक्सर देखा जाता है कि शिमला या बड़े शहरों में रहने वाले रसूखदार और नौकरीपेशा लोग तो डिजिटल माध्यमों और संपर्कों के जरिए अपने बच्चों के लिए कमरे बुक करवा लेते हैं, लेकिन पांगी, भरमौर, डोडरा-कवार, रोहड़ू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा-मंडी के सुदूर गांवों के जरूरतमंद छात्र व गरीब मरीज दिल्ली में महंगे होटलों व धर्मशालाओं में भटकने को मजबूर रहते हैं, क्योंकि उन्हें इस व्यवस्था की जानकारी ही नहीं मिल पाती।


​पंजाब दस्तक की मांग और सुझाव:
​12 जिलों के स्थानीय अखबारों में व्यापक प्रचार: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) को केवल शिमला तक सीमित न रहकर, सभी 12 जिलों के स्थानीय और क्षेत्रीय अखबारों में विशेष सूचना और प्रेस नोट जारी करना चाहिए, जिसमें बुकिंग की पूरी प्रक्रिया और पोर्टल का सीधा लिंक दर्ज हो।


​कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और लाइब्रेरी में चस्पा हों पोस्टर: प्रदेश के सभी राजकीय डिग्री कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों और जिला पुस्तकालयों के नोटिस बोर्ड पर ‘हिमाचल निकेतन’ की छात्र बुकिंग प्रक्रिया, पात्रता और रियायती दरों की स्पष्ट जानकारी चस्पा की जानी चाहिए।
​उपायुक्त (DC) और एसडीएम कार्यालयों से प्रसार: दूरदराज के उपमंडलों (SDM Offices) और ब्लॉक स्तर तक यह जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि दिल्ली परीक्षा देने जाने वाले किसी भी साधारण किसान या बागवान के बच्चे को यह पता हो कि राजधानी में उसके रुकने का सुरक्षित और सस्ता सरकारी ठिकाना मौजूद है।


​परिसर में मिलेंगी आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाएं
​खान-पान: विशाल डाइनिंग हॉल, आधुनिक कैफेटेरिया और कैंटीन की सुविधा।
​बैठकें व आयोजन: एक आधुनिक बैंक्वेट हॉल, दो मल्टीपर्पज हॉल और आधिकारिक बैठकों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम।
​पार्किंग व ईवी स्टेशन: वाहनों के लिए सुरक्षित अंडरग्राउंड बेसमेंट पार्किंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग पॉइंट।
​सुरक्षा व कनेक्टिविटी: पूरे परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, सुरक्षा गार्ड्स और हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा।


​सरकारी नियंत्रण में रहेगा भवन, सफाई और खान-पान के लिए प्रोफेशनल मैनेजमेंट
​भवन के प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है:
​मालिकाना हक व आवंटन: भवन का पूरा मालिकाना हक हिमाचल सरकार (GAD) के पास रहेगा। कमरों का आवंटन और बुकिंग राज्य सरकार के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी, जिससे बिचौलियों और सिफारिशी संस्कृति पर रोक लगेगी।
​रियायती दरें (टैरिफ): छात्रों और गरीब मरीजों के लिए कमरे नाममात्र (सब्सिडाइज्ड) सरकारी दरों पर मिलेंगे, जबकि आम नागरिकों और अधिकारियों के लिए तय सरकारी स्लैब लागू रहेगा।


​मेंटेनेंस का टेंडर: सरकारी गेस्ट हाउसों में अक्सर सफाई और रख-रखाव को लेकर आने वाली शिकायतों को देखते हुए सरकार ने इसके संचालन व रख-रखाव (Operation & Maintenance) के लिए पेशेवर एजेंसी चयन का टेंडर निकाला है। खाना और कमरे के अधिकतम दाम सरकार तय करेगी, जबकि एजेंसी 24 घंटे उच्चस्तरीय सफाई और सेवाएं सुनिश्चित करेगी।


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