विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल के अतारांकित सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि ओपीएस (OPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों का कुल 15% महंगाई भत्ता वर्तमान में लंबित है।
15 अगस्त पर डीए की घोषणा न होने के बाद लाखों कर्मचारियों की नजरें विधानसभा सत्र पर टिकी थीं। मुख्यमंत्री के लिखित जवाब के अनुसार, ओपीएस कर्मचारियों की कुल 6 किस्तें लंबित हैं, जिनमें 1 जुलाई 2023 से 1%, 1 जनवरी 2024 से 4%, 1 जुलाई 2024 से 3%, 1 जनवरी 2025 से 2%, 1 जुलाई 2025 से 3% और 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता शामिल है।
वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही होगा भुगतान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में बताया कि प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति के चलते डीए के भुगतान में विलंब हो रहा है। राज्य सरकार वित्तीय सुधार के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि जैसे ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, कर्मचारियों के सभी लंबित बकायों का भुगतान कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा औपचारिक घोषणा किए जाने के बाद ही वित्त विभाग इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगा। फिलहाल भुगतान की कोई अंतिम समय-सीमा तय नहीं की गई है।
NPS/UPS और OPS कर्मियों में अंतर
लिखित जवाब में बताया गया कि एनपीएस (NPS) और यूपीएस (UPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तर्ज पर 60% डीए दिया जा रहा है और उनकी कोई भी किस्त लंबित नहीं है, जबकि ओपीएस कर्मचारियों की 15% डीए की देनदारी राज्य की वित्तीय स्थिति सामान्य होने पर निर्भर करेगी। अब कर्मचारियों को सरकार के अगले कदम और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
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