काजल, वरिष्ठ पत्रकार, पंजाब दस्तक (बिलासपुर):
हिमाचल प्रदेश की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ा तूफान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से उठता दिख रहा है। प्रदेश कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों के फेरबदल और संगठनात्मक ताजपोशी की चर्चाओं के बीच अचानक राजनीतिक पटकथा बिल्कुल बदल गई है। बिलासपुर दौरे पर निकले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपना तय शेड्यूल छोड़कर अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
पहले मुख्यमंत्री का 15 अगस्त तक बिलासपुर में ही रुकने और फिर शिमला लौटने का कार्यक्रम था। मगर ऐन वक्त पर कार्यक्रम में हुआ यह नाटकीय बदलाव साफ़ गवाही दे रहा है कि आलाकमान के गलियारों में कोई बहुत बड़ा सियासी फैसला पक रहा है।
दिल्ली में सत्ता और संगठन का ‘महाजुटान’
मुख्यमंत्री के दिल्ली पहुंचते ही हिमाचल कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की हलचल अचानक तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पहले से ही दिल्ली में मोर्चा संभाले हुए हैं; उन्होंने बुधवार को प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल से बंद कमरे में अहम मुलाकात की। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की दिल्ली में मौजूदगी ने सियासी सस्पेंस को चरम पर पहुंचा दिया है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री सुक्खू की कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल के साथ एक निर्णायक बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सरकार की नई तस्वीर और संगठन की भावी दशा-दिशा तय हो जाएगी।
कैबिनेट रेस: कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर का पलड़ा भारी
मंत्रिमंडल में खाली पड़ी कुर्सियों को भरने के लिए जिस एक नाम की गूंज सबसे ज्यादा सुनाई दे रही है, वह है कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर।
कुल्लू क्षेत्र लंबे समय से सरकार में अपने हक और उचित प्रतिनिधित्व की आवाज उठाता रहा है। सुंदर सिंह ठाकुर को कैबिनेट में जगह देकर सुक्खू सरकार न केवल क्षेत्रीय व राजनीतिक संतुलन साधेगी, बल्कि पूरे कुल्लू बेल्ट में संगठन में नई जान फूंकने का दांव खेलेगी।
इसके साथ ही, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के पर काटे जा सकते हैं या उनके विभाग बदले जा सकते हैं। यहां तक कि एक मंत्री की छुट्टी होने की अटकलों से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
विधानसभा उपाध्यक्ष पद: आशीष बुटेल रेस में सबसे आगे
सरकार के साथ-साथ विधानसभा के भीतर भी नए समीकरण गढ़ने की तैयारी है। विधानसभा उपाध्यक्ष की खाली कुर्सी के लिए पालमपुर से तेजतर्रार विधायक आशीष बुटेल का नाम सबसे आगे चल रहा है। संगठन और विधायी मामलों में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके अलावा ज्वालामुखी से विधायक संजय रतन का नाम भी दावेदारों की सूची में शामिल बताया जा रहा है।
दिल्ली से तय होगी सुक्खू सरकार की नई स्क्रिप्ट
मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी—तमाम शीर्ष चेहरों का दिल्ली में एक साथ डेरा जमाना इस बात का सीधा प्रमाण है कि शिमला की सरकार में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है।
अब हर किसी की निगाहें दिल्ली में होने वाली बैठकों के नतीजों पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि आलाकमान की मुहर के बाद कैबिनेट में किस नए चेहरे की एंट्री होती है, किन मंत्रियों के विभागों पर गाज गिरती है और संगठन में किसे नई कमान सौंपी जाती है।
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