ईवीएम और चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ना विपक्ष का पुराना पैंतरा, जनादेश का अपमान बर्दाश्त नहीं: पूर्व केंद्रीय मंत्री
हमीरपुर (वरिष्ठ पत्रकार मीनाक्षी): चुनावी अखाड़े में लगातार धूल चाट रहा विपक्ष अब अपनी ऐतिहासिक हार पर पर्दा डालने के लिए चौतरफा भ्रम और झूठ का जाल बुनने पर उतर आया है। हमीरपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष की नकारात्मक सियासत की धज्जियां उड़ाते हुए सीधा प्रहार किया। उन्होंने दो-टूक कहा कि स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद एक अखबार द्वारा छापी गई खबर की आड़ में विपक्ष जो हाय-तौबा मचा रहा है, वह सिर्फ अपनी नाकामी छिपाने की बौखलाहट के सिवा कुछ नहीं है।
अनुराग ठाकुर ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा, “विपक्ष के पास न नीयत बची है और न ही जनादेश को स्वीकार करने का साहस। हार के बाद आत्ममंथन करने के बजाय कांग्रेसी जमात सिर्फ इस जुगत में रहती है कि पराजय का ठीकरा किसके सिर फोड़ा जाए।” उन्होंने इतिहास का आईना दिखाते हुए कहा कि जब दशकों तक राज्यों में कांग्रेस का एकछत्र राज चलता रहा, तब न तो इन्हें व्यवस्था में कोई खामी दिखती थी और न ही चुनाव आयोग के निष्पक्ष काम पर कोई सवाल उठता था। आज जब देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासपरक नीतियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की जमीनी तपस्या पर अटूट भरोसा जताते हुए बार-बार कमल खिला रही है, तो विपक्षी खेमे को अपनी जमीन खिसकती साफ नजर आ रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तीखा वार करते हुए कहा कि हार का सामना करते ही कभी ईवीएम का रोना रोना, कभी चुनाव आयोग की साख पर कीचड़ उछालना, तो कभी एसआईआर और चीफ इलेक्शन कमिश्नर को कटघरे में खड़ा करना विपक्ष की फितरत बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का हर फैसला पूर्ण सर्वसम्मति और लोकतांत्रिक बहुमत से लिया गया निष्पक्ष निर्णय है। संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके विपक्ष अपनी डूबती राजनीतिक नैया को कभी नहीं बचा सकता।
ऐसी ही तीखी, निष्पक्ष और बेबाक खबरों के लिए ‘पंजाब दस्तक’ को फॉलो और सब्सक्राइब करें। देखते रहें पंजाब दस्तक।

