राज्य सरकार की नीति पर मुहर: सचिवालय में लागू हुई 19 जुलाई की पॉलिसी; सहायक पर्यवेक्षक और चालक के नए पद भी सृजित
सुरेंद्र राणा ब्यूरो चीफ पंजाब दस्तक
शिमला: हिमाचल प्रदेश में अब राज्य सरकार के विभागों की तर्ज पर विधानसभा सचिवालय में भी ‘जॉब ट्रेनी’ पॉलिसी के तहत ही नई भर्तियां की जाएंगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा 19 जुलाई 2025 को जारी अधिसूचना को विधानसभा में भी लागू करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस नए आदेश के लागू होने के बाद अब सचिवालय को भविष्य की सभी भर्तियां इसी तय नीति और फिक्स सैलरी (निश्चित मानदेय) के आधार पर ही निकालनी होंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले विधानसभा अपने स्तर पर अलग से नियुक्तियां और भर्तियां आयोजित करती थी, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया सरकार की तयशुदा जॉब ट्रेनी पॉलिसी और भर्ती एवं पदोन्नति (R&P) नियमों के तहत ही संचालित होगी।
सचिवालय में नए पदों का सृजन और तय वेतनमान
अधिसूचना के अनुसार, विधानसभा सचिवालय के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाने के लिए सहायक पर्यवेक्षक (Assistant Supervisor) और चालक (Driver) के पदों पर भी नई नियुक्तियां होंगी।
सहायक पर्यवेक्षक: इस पद को पे-मैट्रिक्स सिविल लेवल-3 के तहत सृजित किया गया है, जिसके लिए ₹20,200 से ₹64,000 का वेतनमान तय किया गया है। नया पद बनने के बाद अब सचिवालय में इनकी कुल स्वीकृत संख्या बढ़कर 5 हो गई है।
चालक पद: ड्राइवर के पद के लिए सरकार ने पे-मैट्रिक्स Level-5 के तहत ₹21,300 से ₹67,800 का वेतनमान निर्धारित किया है।
खबर पर पंजाब दस्तक का नज़रिया:
हिमाचल विधानसभा का यह फैसला सचिवालय की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और राज्य सरकार की समान नीति से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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