पंजाब दस्तक
ब्यूरो रिपोर्ट: ओमान्श
धर्मशाला नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भगवा फहराया है। पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा की अथक मेहनत और उनके व्यक्तिगत जन-जुड़ाव ने भाजपा की जीत को सुनिश्चित किया। साथ ही, कांगड़ा के वरिष्ठ भाजपा नेता मनीष शर्मा, जो पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के अत्यंत निकट हैं, की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मनीष शर्मा ने धर्मशाला के विभिन्न वार्डों में न केवल सक्रिय रहकर रणनीति बनाई, बल्कि धरातल पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाकर चुनावी प्रबंधन को भी नई दिशा दी। मनीष शर्मा का धार्मिक कार्यों में विशेष लगाव और उनका जमीनी जुड़ाव भी पार्टी के लिए बेहद कारगर साबित हुआ।
कुल 17 वार्डों में से भाजपा ने 11 वार्डों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस 5 वार्डों पर सिमट गई और 1 सीट निर्दलीय प्रत्याशी के खाते में गई।
सुधीर शर्मा: विरासत और मेहनत का संगम
धर्मशाला में सुधीर शर्मा की सक्रियता और कार्यकर्ताओं के साथ उनका जुड़ाव इस जीत का मुख्य आधार रहा। सुधीर शर्मा ने अपने पिता, पूर्व मंत्री स्वर्गीय पंडित संत राम जी की परंपरा को आगे बढ़ाया है, जो मंत्री रहने के बावजूद बस की अगली सीट पर बैठकर आम जनता के बीच जाते थे। सुधीर शर्मा भी उसी सादगी के साथ घर-घर जाकर बुजुर्गों के पैर छूकर और हर कार्यकर्ता को नाम से पुकार कर लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बाद उन्होंने जिस तरह धर्मशाला में अपनी नई पहचान बनाई, वह उनके कुशल नेतृत्व का प्रमाण है।
चुनाव परिणामों का अवलोकन
धर्मशाला प्रॉपर से रेखा देवी, भागसु नाग से शमशेर सिंह, मैक्लोडगंज से आशा देवी, कोतवाली बाजार से करिश्मा, आशु, खेल परिसर से प्रेरणा गुलरिया, मीना कुमारी, दाढ़ी से हर्ष ओबराय, खनियारा से प्रवीण प्रकाश, सिद्धपुर से अनुपम कटोच और शिव बाड़ी से विशाल जमवाल ने भाजपा के टिकट पर शानदार जीत हासिल की है।
दूसरी ओर, कांडी से नीलू शर्मा, खजांची मोहल्ला से शैलजा, श्याम नगर से सुदेश, रामनगर से अनुराग कुमार और कांडी (अन्य) से अनुज वशिष्ठ ने कांग्रेस के लिए जीत दर्ज की। वहीं, नरेश कुमार ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की।
सुधीर शर्मा के ‘कर्मयोग’ पर गीता का संदेश
सुधीर शर्मा की मेहनत और उनके समर्पण को देखते हुए यह श्लोक सटीक बैठता है:
”योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय।
सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते॥”
(अर्थ: हे धनंजय! आसक्ति का त्याग करके और सिद्धि-असिद्धि में समान बुद्धि वाला होकर योग में स्थित होकर कर्म कर।)
निष्कर्ष
सुधीर शर्मा की मेहनत और मनीष शर्मा जैसे रणनीतिकारों के कुशल मार्गदर्शन ने धर्मशाला में कांग्रेस के दुर्ग को ध्वस्त कर दिया है। जहाँ कांग्रेस केवल 5 वार्डों तक सीमित रह गई, वहीं भाजपा का 11 वार्डों के साथ विजय रथ आगे बढ़ रहा है। सुधीर शर्मा की जनता के प्रति निष्ठा और व्यक्तिगत जुड़ाव ने साबित कर दिया है कि धर्मशाला के लोग अब काम को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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