■ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CGP के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए लिया फैसला
■ नई दिल्ली, निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज पहुंचने वाली ट्रेनें दोपहर 2 बजे तक प्रभावित
■ पिछली बार जाम के चलते 5,000 यात्री छूट गए थे, खाली ट्रेन जाने से रेलवे ने लिया सबक
सुरेंद्र राणा (ब्यूरो चीफ) / पंजाब दस्तक न्यूज़ रूम, चंडीगढ़:
राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजीपी) द्वारा जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन और मार्च को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने शनिवार तड़के 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच दिल्ली क्षेत्र में आने वाली 45 प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने की घोषणा की है। इस फैसले के चलते शनिवार को सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रैफिक जाम की आशंका पर कंटीजेंसी प्लान लागू
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार 10 अक्टूबर को सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास भारी सड़क जाम लगने की आशंका है। इसी को देखते हुए रेलवे ने विशेष कंटीजेंसी प्लान लागू किया है।
पिछली घटना से लिया कड़ा सबक
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में इसी इलाके में हुए विरोध प्रदर्शनों और भीषण जाम के चलते स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि करीब 5,000 मुसाफिर स्टेशन तक नहीं पहुंच पाए और ट्रेन खाली ही रवाना हो गई थी। यात्रियों को हुए उस भारी मानसिक व शारीरिक कष्ट से सबक लेते हुए रेलवे ने इस बार पहले से ही यह सख्त फैसला लिया है।
यात्रियों के लिए अहम दिशा-निर्देश:
उद्गम स्थल पर ही रद्दीकरण: 9 अक्टूबर दोपहर 2:00 बजे के बाद रवाना होकर 10 अक्टूबर सुबह 4:00 से दोपहर 2:00 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली सभी मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को ‘कैंसिल एट सोर्स’ किया गया है।
पूरा रिफंड मिलेगा: प्रभावित यात्रियों के टिकट का रिफंड बिना किसी परेशानी के सुगम प्रक्रिया से वापस दिया जाएगा ताकि किसी को आर्थिक नुकसान न हो।
हेल्पलाइन 139 जारी: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले 139 हेल्पलाइन या आधिकारिक ऐप पर ट्रेन का लाइव स्टेटस अवश्य जांच लें।
पंजाब दस्तक संपादकीय नजरिया:
सवाल यह है कि राजनीतिक दलों के शक्ति प्रदर्शन और विरोध मार्च की सजा हमेशा आम मुसाफिर ही क्यों भुगते? किसी का इलाज रुका, किसी की परीक्षा या नौकरी छूटी—जनता की इस बेबसी की जवाबदेही कब और कौन तय करेगा?
