पंजाब दस्तक — वरिष्ठ पत्रकार (भरमौर/बड़गांव)
चंबा: जनजातीय क्षेत्र की बड़ ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में हुई अनियमितताओं को लेकर जमकर हंगामा और चर्चा हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में जरूरतमंदों और गरीब परिवारों के हक पर डाका डाला गया है।
224 घरों का सर्वे, 118 परिवारों की वेरिफिकेशन रद्द
ग्राम सभा के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार, पंचायत में योजना के तहत कुल 224 घरों का सर्वे किया गया था। लेकिन जब सत्यापन (वेरिफिकेशन) प्रक्रिया पूरी हुई, तो चौंकाने वाली बात सामने आई—118 पात्र परिवारों की वेरिफिकेशन पूरी तरह से रद्द कर दी गई, जबकि मात्र 56 घरों को ही स्वीकृत/सत्यापित किया गया।
ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए केवल एक कमरा है और कई बेसहारा व विधवा महिलाएं हैं, उनके नाम भी योजना की सूची से काट दिए गए हैं।
वीडियो में छलका ग्रामीणों का दर्द
ग्राम सभा का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण अपनी व्यथा सुनाते और सवाल पूछते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह गरीब और विधवा महिलाएं अपने पक्के मकान के अधिकार से वंचित किए जाने पर गुहार लगा रही हैं।
”जिनके पास सिर छिपाने के लिए सिर्फ एक कमरा है और जो विधवा महिलाएं वास्तव में इस सहायता की हकदार थीं, उन्हें बाहर कर दिया गया। यह सरासर अन्याय है और इसे सहन नहीं किया जाएगा।”
ग्राम सभा में आक्रोशित ग्रामीण
उच्चस्तरीय जांच और न्याय की मांग
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस पूरे मामले की शिकायत उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि रद्द की गई 118 फाइलों का दोबारा निष्पक्ष भौतिक सत्यापन करवाया जाए ताकि किसी भी वास्तविक पात्र परिवार, गरीब या विधवा महिला का हक न मारा जा सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
