एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात

एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ियों को ₹1-1 करोड़ का इनाम और सरकारी नौकरी का आश्वासन, सचिवालय में सीएम से की मुलाकात; युवाओं को दिया नशे से दूर रहने का कड़ा संदेश

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​शिमला (पंजाब दस्तक), वरिष्ठ पत्रकार मीनाक्षी,

हिमाचल प्रदेश सचिवालय से: एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाकर देश और हिमाचल प्रदेश का मान बढ़ाने वाली बेटियों ने आज शिमला स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सिरमौर के शिलाई जैसे दुर्गम क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली खिलाड़ियों के इस दल का नेतृत्व कर रहीं कबड्डी स्टार पुष्पा राणा ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखीं, जिस पर सरकार की तरफ से सकारात्मक फैसला सामने आया है।


​सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए पुष्पा राणा ने बातचीत के अहम बिंदुओं और युवाओं के लिए अपने संदेश को साझा किया:
​₹1-1 करोड़ का कैश अवार्ड: पुष्पा राणा ने बताया कि पहले घोषित ₹37 लाख की राशि से वे संतुष्ट नहीं थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रत्येक खिलाड़ी के लिए ₹1 करोड़ की मांग रखी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए ₹1-1 करोड़ देने की घोषणा कर दी है। इसके लिए जल्द ही एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।


​क्वालिफिकेशन के आधार पर क्लास-वन सरकारी नौकरी: खिलाड़ियों द्वारा डीएसपी रैंक या समकक्ष पद की मांग पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उनकी शैक्षणिक योग्यता और खेल उपलब्धियों के अनुसार उन्हें पुलिस या खेल विभाग में बेहतर से बेहतर पद पर नियुक्ति दी जाएगी।
​ग्रामीण प्रतिभाओं को संदेश: शिलाई जैसे इंटीरियर इलाके से निकलकर देश का प्रतिनिधित्व करने पर पुष्पा राणा ने कहा कि कबड्डी कोई बहुत महंगा खेल नहीं है। अगर जज्बा हो तो स्कूल स्तर से डीपीई और कोच के मार्गदर्शन में मेहनत शुरू की जा सकती है। इसके बाद स्पोर्ट्स हॉस्टल और अकादमियों के जरिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है। सरकार द्वारा मिल रहे ₹1 करोड़ के प्रोत्साहन से आने वाली पीढ़ी को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।


​नशे के खिलाफ युवाओं को दो टूक चेतावनी: हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रचलन पर गहरी चिंता जताते हुए पुष्पा राणा ने कहा, “यह बेहद दुखद है कि नशे के मामले में पंजाब के बाद हिमाचल दूसरे नंबर पर आ गया है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएं। हर युवा का खिलाड़ी बनना जरूरी नहीं, लेकिन वे पढ़ाई या जिस भी क्षेत्र में रुचि रखते हों, वहां पूरी लगन से मेहनत करें। साथ ही मानसिक और शारीरिक मजबूती के लिए अपनी दिनचर्या में खेल, योग या कसरत को जरूर शामिल करें।


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