शिमला, सुरेन्द्र राणा; हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में प्रदेश की भाजपा सरकार चंद लोगों को गिरफ्तार कर असली गुनहगारों को बचाने का काम कर रही है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 15 दिनों से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अब तक इस मामले पर सीबीआई जांच शुरू नहीं हो पाई है। जिससे प्रदेश सरकार मामले को रफा-दफा कर दबाने का प्रयास कर रही है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने कहा कि अब तक पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में एक सौ से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं लेकिन सरकार द्वारा गठित कमेटी ने बाहरी राज्यों से कुछ लोगों को गिरफ्तार कर इसमें मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने की बात कही है। लेकिन हम प्रदेश की भाजपा सरकार को पूछना चाहते हैं कि जब पेपर पेंटिंग प्रेस में छपने के लिए गया और उसके बाद पेपर लीक कैसे हुआ।पेपर लीक करवाने में क्या सच में इन लोगों का हाथ है या इन सबके पीछे कोई बड़ा गुनहगार और है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते यह पेपर लीक हुआ है।जिससे प्रदेश के करीब पौने 2लाख युवाओं के साथ धोखा किया गया है।
गौरव शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार आजकल आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और जनाधार को सहन नहीं कर पा रही है। जिसके चलते आम आदमी पार्टी के नेताओं पर फर्जी केस बनाकर उन्हें गिरफ्तार करने का काम कर रही है । इसलिए प्रदेश की भाजपा सरकार पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला, जेओए आईटी पेपर लीक मामले को दबाने के लिए कभी केंद्र सरकार के 8 साल का जश्न मनाने के लिए शिमला में कार्यक्रम रखती है तो कभी तो कभी धर्मशाला में त्रिदेव सम्मेलन आयोजित कर इन मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है।लेकिन युवाओं के साथ किए गए षड्यंत्र पर से पर्दा नहीं उठाना चाहती है।
उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार उन लोगों को गिरफ्तार क्यों नहीं करती है जिन्होंने सच में पेपर लीक किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा, पंजाब राजस्थान,यूपी, बिहार, दिल्ली आदि जगह से इन लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन असली गुनहगार हिमाचल के अंदर ही सरेआम घूम रहे हैं। जिन पर ना तो पुलिस कार्रवाई कर पा रही है और ना ही प्रदेश की भाजपा सरकार होने दे रही है। क्योंकि अब तक का सबसे बड़ा पेपर भर्ती घोटाला भाजपा की सरकार में हुआ है जिसके सीधे तार भाजपा के नेताओं और उच्च अधिकारियों के साथ जुड़े हुए हैं।
जिन्होंने अपने चहेतों को नौकरी देने के लिए यह कदम उठाया गया है और 5 से 8 लाख रुपए में प्रति पेपर बेचा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर 27 मार्च को होना था लेकिन उससे पूर्व ही 24 मार्च को पेपर लीक से संबंधित चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी ।उसी तरह जेओए आईटी पेपर मामला भी पेपर होने से पूर्व ही लीक हो गया था। आखिर प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश के युवाओं के प्रति इतनी संवेदनहीन कैसे हो गई है जहां ना तो युवाओं को रोजगार मिल पा रहा है और ना ही युवाओं को नौकरी दी जा रही है।
उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपने साढ़े 4 साल के कार्यकाल में सिर्फ जश्न और अपने चहेतों को नौकरियां देने का काम करती रही। लेकिन अब यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है क्योंकि हिमाचल की जनता ने अब मन बना दिया है कि इस बार शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर बात करने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार को हिमाचल में लाना है और प्रदेश का एक समान विकास करना है।
