डेस्क: भारत ने यूक्रेन में मानवीय संकट पर रूस द्वारा लाए गए प्रस्ताव से दूर रहकर रूस-यूक्रेन स्थिति पर अपना तटस्थ रुख बनाए रखा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया, क्योंकि इसे सिर्फ रूस और चीन का समर्थन मिला था। भारत ने यूएनएससी के 12 अन्य सदस्यों के साथ उस प्रस्ताव पर खुद को अलग रखा।
रूस ने प्रस्ताव में कहा, “मानवीय कर्मी, महिलाएं और बच्चों सहित यूक्रेन के नागरिक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लोगों की सुरक्षित और तेजी से निकासी को सक्षम बनाने के लिए बातचीत के लिए संघर्ष विराम का आह्वान किया।”
आपको बता दें कि किसी भी देश ने उस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान नहीं किया, जिसमें आक्रमण का कोई संदर्भ नहीं था।
