पंजाब दस्तक डेस्क; एमबीबीएस, बीडीएस और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए हर वर्ष एनटीए की तरफ से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानि कि नीट आयोजित किया जाता है. इस परीक्षा में लाखों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं. ऐसे में सरकारी कॉलेजों में सिर्फ कुछ अभ्यर्थियों को ही एडमिशन मिल पाता है. वहीं, मजबूरी में कम रैंक लाने वाले अभ्यर्थियों को प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन लेना पड़ता है. इसकी वजह से कई परिवारों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा जाती है. साथ गरीब परिवार से आने वाले बच्चे प्राइवेट कॉलेजों में फीस ज्यादा होने के चलते एडमिशन नहीं लेते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा एलान किया है. अब 50 प्रतिशत मेडिकल सीटों पर सरकारी कॉलेज के बराबर फीस ली जाएगी.
सोमवार को जन औषधि दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन औषधि योजना की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बराबर ही फीस लगेगी. यह नियम अगले वर्ष से लागू हो जाएगा.
