सुरेन्द्र राणा, पंजाब दस्तक
दो बार स्थगित होने के बाद हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक कल शनिवार 10 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे राज्य सचिवालय में आयोजित होगी। हालांकि कल शनिवार को सरकारी अवकाश रहेगा और सामान्य कार्यालय बंद रहेंगे, लेकिन पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंत्रिमंडल की यह नियमित बैठक बुलाई गई है। बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा हाल ही में दुर्गम और पिछड़े क्षेत्रों के दौरों के दौरान की गई घोषणाओं को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। इनमें स्कूलों के उच्चीकरण, विभिन्न विभागों में नए पदों के सृजन और प्रशासनिक इकाइयों के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। पिछली बैठकों के टलने के चलते कल 100 से अधिक एजेंडा मदों पर चर्चा और फैसले की संभावना है।
ऊना अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में कड़ा रोष जताया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा और गंभीर स्थिति के बावजूद ड्यूटी स्टाफ व चिकित्सकों ने समय पर उचित उपचार नहीं दिया और न ही समय रहते मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। स्वास्थ्य विभाग ने मामले का मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित करते हुए घटना की विभागीय जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
रामपुर के राय में गहरी खाई में गिरी एचआरटीसी बस, एक युवक की मौत, 15 घायल
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में शुक्रवार सुबह हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस (HP 06A 5159) अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। यह बस सनही से रामपुर आ रही थी कि ‘राय’ के समीप एक तीखे मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के समय बस में 20 से अधिक यात्री सवार थे। डंसा पंचायत प्रधान पद्मा कुमारी के अनुसार, गंभीर रूप से घायल कराली गांव निवासी युवक वंश (पुत्र सुरेंजन) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर 15 से अधिक घायलों को निजी वाहनों से खनेरी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हाईकोर्ट का अहम फैसला: स्वास्थ्य शिक्षकों के मामले में ‘पिक एंड चूज’ नीति रद्द, उच्च पद को फीडर पद से कम वेतनमान अवैध
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए सरकार की ‘पिक एंड चूज’ नीति को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट व्यवस्था दी कि किसी भी संवर्ग में पदोन्नति वाले उच्च पद का वेतनमान उसके फीडर (निचले) पद से कम या उसके बराबर नहीं हो सकता। कोर्ट ने 30 जनवरी 2016 की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया, जिसके तहत स्वास्थ्य शिक्षकों को मल्टीपर्पज सुपरवाइजर के बराबर ₹4200 का ग्रेड पे दिया गया था। अदालत ने सरकार को आदेश दिया है कि स्वास्थ्य शिक्षकों को उनके पद के अनुपात में उच्च ग्रेड पे दिया जाए और इसका नोशनल लाभ 1 अक्टूबर 2012 से लागू माना जाए।
हिमाचल में 1.90 लाख जनधन खाते निष्क्रिय, वित्त विभाग ने बैंकों से तलब की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले 18.84 लाख बैंक खातों में से लगभग 1.90 लाख खाते शून्य शेष (जीरो बैलेंस) और निष्क्रिय पाए जाने पर वित्त विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। वित्त सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वित्त सचिव ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि निष्क्रिय और डुप्लीकेट खातों की पहचान कर उन्हें सक्रिय बैंकिंग सेवाओं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से जोड़ा जाए अथवा नियमों के तहत बंद करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
ट्रेजरी दफ्तरों में ई-बिल प्रणाली अनिवार्य, पोर्टल पर दिखेगा बिल लंबित रहने का कारण
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की वित्तीय व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए कोषागारों में भौतिक वाउचर व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। मंडी जिला ट्रेजरी सहित पूरे प्रदेश में अब वेंडरों, संवेदकों और कर्मचारियों के सभी बिल ई-बिल प्रणाली से ही पास होंगे। आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) स्वीकृत दस्तावेज डिजिटल हस्ताक्षर के साथ अपलोड करेंगे, जिसके बाद भुगतान सीधे आरबीआई के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म से खातों में अंतरित होगा। नई व्यवस्था में संबंधित व्यक्ति पोर्टल पर यह भी देख सकेंगे कि उनका बिल किस स्तर पर और किस कारण से लंबित है।
शहरी स्थानीय निकायों में 2 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले अनुबंध कर्मियों का नियमितीकरण अटका
प्रदेश के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में 30 सितंबर तक दो वर्ष का अनुबंध सेवाकाल पूरा करने वाले पात्र कर्मियों के नियमितीकरण के आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन शहरी विकास विभाग के तहत आने वाले शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में यह प्रक्रिया अभी तक लंबित है। मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार 1 अक्टूबर को यह आदेश जारी होने थे। अन्य विभागों में आदेश लागू होने के बाद भी यूएलबी कर्मियों के मामले में देरी से संविदा और दिहाड़ीदार कर्मचारियों में असंतोष है। कर्मियों का कहना है कि समान कार्य और समान अवधि के बावजूद उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
स्कूलों में स्वास्थ्य शिविरों के दिन विद्यार्थियों की 100% उपस्थिति अनिवार्य
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत सरकारी और निजी विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों के दौरान नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला उप-निदेशकों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड (IFA) और कृमिनाशक दवाओं के वितरण से कोई भी विद्यार्थी वंचित नहीं रहना चाहिए। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रमुखों की होगी।
सोलन के न्यू कथेड़ में 100 करोड़ की लागत से बनेगा प्रदेश का दूसरा अंगदान केंद्र
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला के बाद अब सोलन में हिमाचल प्रदेश का दूसरा अधिकृत अंगदान केंद्र (Organ Donation Centre) स्थापित करने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। न्यू कथेड़ में बन रहे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ यह केंद्र तैयार किया जाएगा। इसके शुरू होने से सोलन, सिरमौर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अंगदान से जुड़ी आवश्यक जानकारी, परामर्श और पंजीकरण की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी।
45 दिनों में ई-चालान का भुगतान न करने पर वाहन की आरसी होगी ब्लॉक
केंद्रीय मोटर यान (तीसरा संशोधन) नियम लागू होने के बाद ट्रैफिक चालान के निस्तारण की व्यवस्था सख्त कर दी गई है। नए नियमों के तहत वाहन चालक को ई-चालान जारी होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर जुर्माना भरना होगा या साक्ष्यों सहित पोर्टल पर प्राधिकारी के समक्ष चुनौती देनी होगी। यदि निर्धारित अवधि में चालान का निपटारा नहीं होता है, तो संबंधित वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) और ड्राइविंग लाइसेंस पोर्टल पर ब्लॉक कर दिया जाएगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांगड़ा आर.पी. जसवाल ने चालकों से नियमों की पालना करने और लंबित चालान समय पर भरने की अपील की है।
निर्विरोध चुनी गईं 136 पंचायतों को ₹34 करोड़ जारी, 1 वर्ष में खर्च करने का लक्ष्य
पंचायती राज विभाग ने प्रदेश की 136 निर्विरोध चुनी गई ग्राम पंचायतों को ₹25-25 लाख की प्रोत्साहन राशि के रूप में कुल ₹34 करोड़ का फंड जारी कर दिया है। विभाग के निदेशक राघव शर्मा द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह राशि एक वर्ष के भीतर सार्वजनिक विकास कार्यों पर खर्च करनी होगी। इस फंड से पंचायत भवनों के अतिरिक्त कमरे, फर्नीचर, डिजिटल लाइब्रेरी, ओपन जिम, पार्क, खेल क्षेत्र और छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा सकेंगे। इन सभी कार्यों की स्वीकृति पहले ग्राम सभा की बैठक में पारित कराना अनिवार्य होगा।
देखते रहें पंजाब दस्तक।
