वीरेंद्र, ऊना (पंजाब दस्तक)
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। एक साथ दो जिंदगियों के बुझ जाने से जहां पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया, वहीं आक्रोशित परिजनों का गुस्सा अस्पताल प्रशासन पर फूट पड़ा। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों व स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और एसडीएम समेत आला प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह आक्रोशित परिजनों को शांत करवाया।
अस्पताल परिसर में गहराया तनाव, गूंजे लापरवाही के आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिला को समय रहते उचित और त्वरित चिकित्सकीय देखभाल नहीं दी गई, जिसके चलते मां और नवजात दोनों की जान चली गई। अस्पताल में तीमारदारों के भारी विरोध और हंगामे को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और शोकाकुल परिवार को निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
’पंजाब दस्तक’ से खास बातचीत में प्रशासन का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने ‘पंजाब दस्तक’ से विशेष बातचीत में पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट किया:
7 तारीख को भर्ती हुई थी महिला: प्रशासन ने बताया कि गर्भवती महिला को 7 तारीख को अस्पताल में दाखिल कराया गया था और उसका उपचार चल रहा था।
सुबह 8:30 बजे अचानक बिगड़ी तबीयत: अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे अचानक महिला की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद मां और उसके नवजात शिशु को बचाया नहीं जा सका।
पुलिस को भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट: अस्पताल प्रबंधन ने साफ किया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को पूरी रिपोर्ट बनाकर सौंप दी गई है।
मेडिकल कॉलेज स्तर की जांच की सिफारिश: अस्पताल प्रशासन ने ‘पंजाब दस्तक’ को बताया कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर के बजाय मेडिकल कॉलेज स्तर के विशेषज्ञ बोर्ड से विस्तृत जांच कराने की आधिकारिक सिफारिश भेजी गई है, ताकि मौत के वास्तविक चिकित्सीय कारणों का निष्पक्ष सच सामने आ सके।
परिजनों के आक्रोश पर बयान: प्रशासन ने माना कि एक ही परिवार के दो सदस्यों के चले जाने से परिजनों में तीव्र आक्रोश और भावनाएं होना स्वाभाविक था।
फिलहाल पुलिस और नागरिक प्रशासन की निगरानी में मामले की जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब सभी की निगाहें मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ बोर्ड की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
सटीक, निष्पक्ष और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए देखते रहें ‘पंजाब दस्तक’।
