शिमला (न्यूज़ रूम / वरिष्ठ पत्रकार काजल):
देश के आम मोबाइल उपभोक्ताओं और खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए टेलीकॉम सेक्टर से इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Telecom Regulatory Authority of India – TRAI) ने सभी निजी और सरकारी टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियामक ने स्पष्ट कर दिया है कि 22 अक्टूबर से सभी सर्विस प्रोवाइडर्स को ग्राहकों के लिए केवल कॉलिंग और एसएमएस (SMS) सुविधा वाले स्वतंत्र और सस्ते टैरिफ प्लान पेश करने होंगे।
महंगे बंडल प्लान्स का जबरन थोपा जाना होगा बंद
वर्तमान समय में रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Vodafone Idea – Vi) जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे टैरिफ सिस्टम पर नज़र डालें, तो यूज़र्स को अपना सिम कार्ड महज एक्टिव रखने के लिए भी हर महीने 300 से 350 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। इन महंगे बंडल प्लान्स में कंपनियों द्वारा जबरन प्रतिदिन 1 जीबी या 1.5 जीबी इंटरनेट डेटा जोड़ दिया जाता है। देश में करोड़ों ऐसे नागरिक हैं—जिनमें वरिष्ठ नागरिक, ग्रामीण आबादी और साधारण कीपैड (फीचर फोन) इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता शामिल हैं—जिन्हें इंटरनेट की कोई दरकार नहीं होती। इसके बावजूद 28 दिनों की सीमित वैधता देकर उनसे हर महीने भारी-भरकम वसूली की जा रही थी।
150 से 200 रुपये के दायरे में आ सकते हैं नए स्वतंत्र पैक
ट्राई (TRAI) के कड़े निर्देशों के बाद अब सभी दूरसंचार ऑपरेटरों को 22 अक्टूबर की समयसीमा से पहले अपनी आधिकारिक वेबसाइटों और मोबाइल एप्लिकेशन पोर्टल्स पर ये नए प्लान्स अनिवार्य रूप से लाइव करने होंगे। दूरसंचार बाज़ार के जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि सिर्फ इनकमिंग, आउटगोइंग कॉल्स और सामान्य मैसेजिंग वाले ये प्लान 150 रुपये से 200 रुपये के किफायती बजट में उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को यह पूरी आज़ादी मिलेगी कि वे केवल उसी सेवा का भुगतान करें जिसकी उन्हें वास्तविक आवश्यकता है।
बैंकिंग और सरकारी सेवाओं के OTP के लिए अब नहीं कटेगी जेब
आज का डिजिटल ढांचा पूरी तरह वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी (OTP) पर निर्भर हो चुका है। चाहे बैंक खाते का लेन-देन हो, आधार कार्ड का प्रमाणीकरण हो या फिर किसी सरकारी जनकल्याणकारी योजना का लाभ लेना हो, मोबाइल पर ओटीपी आना अनिवार्य है। ऐसे में लाखों लोग सिर्फ अपने सेकेंडरी सिम कार्ड पर बैंक अलर्ट और ओटीपी पाने के लिए भी मजबूरी में 300 रुपये से अधिक का रिचार्ज कराने पर विवश थे। इस गंभीर विसंगति को लेकर जनता के बीच लंबे समय से आक्रोश था और संसद से लेकर विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक मंचों पर इसके खिलाफ पुरज़ोर आवाज़ उठाई जा रही थी। नियामक के इस निर्णायक फैसले से अब देश के करोड़ों आम नागरिकों, पेंशनधारकों और छोटे व्यापारियों को सीधे तौर पर बड़ी आर्थिक राहत मिलने जा रही है।
देखते रहें ‘पंजाब दस्तक’ — सच की आवाज़, जनता की आवाज़।
ऐसी ही तमाम बड़ी, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे चैनल को लाइक करें, शेयर करें, सब्सक्राइब करें और फॉलो करना न भूलें। देखते रहें पंजाब दस्तक, आपका अपना भरोसेमंद चैनल।
