वरिष्ठ पत्रकार: उमांश (मंडी)
पंजाब दस्तक ब्यूरो
मंडी / शिमला: एक तरफ जहां प्रदेश में लगातार केंद्र से उपेक्षा और फंड न मिलने का रोना रोया जाता रहा है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा के मानसून सत्र में खुद सरकार द्वारा पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों ने पूरी हकीकत बयां कर दी है। विधानसभा के पटल पर सरकार ने स्वीकार किया है कि केंद्र की मोदी सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही (31 जुलाई 2026 तक) हिमाचल की झोली में 8,473 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि डाल दी है।
करसोग के माननीय विधायक द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित उत्तर में यह सच सामने आया है। सदन में प्रस्तुत सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि मोदी सरकार ने देवभूमि के विकास को पंख लगाने के लिए खजाने के दरवाजे पूरी तरह खोल रखे हैं।
विधानसभा में सत्य हुए उजागर: अनुदान में मिले ₹5,367 करोड़
केंद्र सरकार द्वारा जारी कुल 8,473 करोड़ रुपये में से 5,367 करोड़ रुपये बिना किसी देनदारी के सीधे अनुदान (गिफ्ट/ग्रांट) के रूप में प्रदेश को मिले हैं। इसका पूरा ब्योरा सदन में इस प्रकार दर्ज हुआ:
केंद्रीय करों में सबसे बड़ा हिस्सा: मोदी सरकार ने केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी के तौर पर सबसे बड़ा तोहफा देते हुए 3,403 करोड़ रुपये प्रदेश के खाते में डाले।
विकास योजनाओं को गति: केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 806 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिसमें ‘स्पर्श’ योजना के तहत मिले 656 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
बाह्य परियोजनाएं: विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए 513 करोड़ रुपये जारी किए गए।
आपदा से निपटने का मजबूत संबल: राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि और अन्य अनुदान मदों में राज्य को 402 करोड़ रुपये की राहत दी गई।
वित्त आयोग की सिफारिशें: 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर हिमाचल को 243 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद मुहैया करवाई गई।
ऋण के रूप में मिले ₹3,106 करोड़: विकास को मिली नई ऊर्जा
सदन के पटल पर रखे गए रिकॉर्ड के अनुसार, प्रदेश को कुल 3,106 करोड़ रुपये की ऋण सहायता भी केंद्र की ओर से मिली है:
पूंजीगत निवेश के लिए बंपर मदद: हिमाचल के आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए मोदी सरकार ने विशेष सहायता के तहत 3,049 करोड़ रुपये की बड़ी पूंजीगत राशि स्वीकृत की।
बाह्य परियोजना ऋण: अन्य परियोजनाओं के संचालन हेतु 59 करोड़ रुपये का ऋण प्रदेश को प्राप्त हुआ।
पूंजीगत व्यय का बजट ₹3,089.53 करोड़
विधानसभा में सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पूंजीगत व्यय के लिए कुल 3,089.53 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है। विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों की स्वीकृतियां अलग-अलग स्तरों पर जारी होने के कारण इसका समेकित ब्योरा वित्त विभाग के पास अलग से उपलब्ध नहीं है।
सरकारी आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के विकास में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी है।
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