सुंदर सिंह ठाकुर और सुधीर शर्मा के बीच सुंदरकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी

हिमाचल कैबिनेट विस्तार: ‘सुंदरकांड’ तंज पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर और भाजपा MLA सुधीर शर्मा में जुबानी जंग, अपनों के तीखे हमलों पर साधी चुप्पी

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​मंडी (पंजाब दस्तक ब्यूरो/भेषज, वरिष्ठ पत्रकार):
हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली से शिमला लौटने के बाद अब मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और एक खाली पद को भरने की कवायद पर घमासान छिड़ गया है। इसी बीच ‘सुंदरकांड’ को लेकर धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के तंज पर कुल्लू से कांग्रेस विधायक व ‘मिनिस्टर इन वेटिंग’ सुंदर सिंह ठाकुर ने पलटवार किया है, जिससे प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।


​दिल्ली में मंथन, पांच मंत्री अब भी डाले हैं डेरा
कैबिनेट में फेरबदल और संभावित ड्रॉपिंग की चर्चाओं के बीच सरकार के पांच प्रमुख मंत्री—चंद्र कुमार, हर्षवर्धन चौहान, डॉ. धनीराम शांडिल, विक्रमादित्य सिंह और रोहित ठाकुर बीते कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। इस राजनीतिक उठापटक के चलते शुक्रवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक भी स्थगित करनी पड़ी थी।


​’सुंदरकांड’ पर सोशल मीडिया पर वार-पलटवार
दिल्ली में जारी इस सियासी खींचतान पर चुटकी लेते हुए भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “हिमाचल कांग्रेस ने दिल्ली में किया सुंदरकांड।” सुधीर शर्मा का यह सीधा इशारा कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर की ओर था, जिसे उनके मंत्री पद की दौड़ से बाहर होने के तंज के रूप में देखा जा रहा है।


​इस पर पलटवार करते हुए सुंदर सिंह ठाकुर ने तीखा जवाब दिया:
​”धर्मशाला के पंडित जी, सुंदरकांड तो घर-परिवार की सुख-समृद्धि के लिए होता है, लेकिन आपने तो हमेशा दूसरों के घर-परिवार में ही कांड किए हैं।”
​गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कई सार्वजनिक मंचों से सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल करने की बात कह चुके हैं।
​विपक्ष को जवाब, पर अपनों की बगावत पर चुप्पी क्यों?
सुंदर सिंह ठाकुर ने सुधीर शर्मा के हमले का जवाब तो तुरंत दे दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों और जनता के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि कांग्रेस के भीतर उठती चिंगारियों पर वे खामोश क्यों हैं?


​रामपुर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नेगी जी ने जब खुलकर सरकार और पार्टी के मुखिया पर सवाल उठाए और पद छोड़ने तक की बात कही, तब सुंदर सिंह ठाकुर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। शिमला में जिला परिषद चेयरमैन चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर हुए घटनाक्रम और नेगी जी के बयानों वाले वीडियो पर विधायक महोदय की चुप्पी पर अब कांग्रेस कार्यकर्ता ही सवाल खड़े कर रहे हैं कि विपक्ष के तंज पर तो तुरंत वार किया गया, लेकिन पार्टी के भीतर मचे घमासान पर चुप्पी क्यों साध ली गई?


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