शिमला में प्राथमिक शिक्षक संघ का 25 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

​प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा: चौड़ा मैदान में गरजा शिक्षक संघ, 25 सूत्रीय मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान; निदेशालय के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू

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पंजाब दस्तक
​विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: काजल (वरिष्ठ पत्रकार, पंजाब दस्तक)


शिमला:हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा का भविष्य और हजारों बेरोजगार जेबीटी युवाओं का हक जब सरकारी नीतियों के भंवर में फंसा है, तब राजधानी शिमला का चौड़ा मैदान शिक्षकों के आक्रोश और नारों से गूंज उठा। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा विवादित ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम’ के कड़े विरोध और अपनी 25 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
​’प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने किया। शिक्षक भवन (चक्कर) से शुरू हुई यह पैदल यात्रा जब चौड़ा मैदान पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद हजारों की भीड़ ने जोरदार नारेबाजी के साथ उनका इस्तकबाल किया।


​जनसैलाब में बदला प्रदर्शन: हर वर्ग ने बुलंद की आवाज
​चौड़ा मैदान में जुटे जनसैलाब ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह लड़ाई केवल शिक्षकों की नहीं, बल्कि पूरे प्राथमिक शिक्षा तंत्र को बचाने की है। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शामिल हुए:
​हजारों प्राथमिक व सेवानिवृत्त शिक्षक: हक और सम्मान की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरे।
​बेरोजगार जेबीटी व नर्सरी ट्रेंड टीचर्स: वर्षों की मेहनत और डिग्री के बाद भी रोजगार न मिलने से आक्रोशित युवा।
​मिड-डे मील व मल्टीटास्क वर्क्स: अपनी मूलभूत सुविधाओं और हकों के लिए आवाज उठाते कर्मचारी।
​SMC पदाधिकारी व पंचायत प्रतिनिधि: स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को टूटते देख मैदान में उतरे जनप्रतिनिधि।


​5,000 खाली पद और न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम पर तीखा प्रहार
​प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने 23 सितंबर 2025 को जारी ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम’ की अधिसूचना को प्राथमिक शिक्षा के लिए घातक करार देते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की।
​संघ ने सरकार के समक्ष 25 सूत्रीय मांग पत्र रखते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर तुरंत कार्यवाही की चेतावनी दी:
​5,000 खाली पड़े पदों की भर्ती: प्राथमिक स्कूलों में खाली पड़े 5,000 जेबीटी पदों को तुरंत भरा जाए ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिले और बच्चों का भविष्य न बिगड़े।


​नर्सरी टीचर्स भर्ती: लंबे समय से लटकी नर्सरी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को तुरंत धरातल पर उतारा जाए।
​पदोन्नति का हक: मुख्य शिक्षक (Head Teacher) पदोन्नति और जेबीटी से टीजीटी (JBT to TGT) प्रमोशन को जल्द लागू किया जाए।
​वित्तीय हक: शिक्षकों के रोके गए ‘हायर ग्रेड-पे’ का लाभ तुरंत जारी किया जाए।


​आर-पार का संघर्ष: निदेशालय के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन शुरू
​राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा और प्रदेश महासचिव रजनीश कौशिक ने कड़े शब्दों में कहा कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि आदेश चाहिए। उन्होंने ऐलान किया कि रविवार शाम से ही स्कूल शिक्षा निदेशालय के समक्ष अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया गया है।


​”जब तक सरकार हमारी 25 सूत्रीय मांगों पर ठोस और लिखित कार्यवाही नहीं करती, तब तक प्राथमिक शिक्षक संघ का यह संघर्ष थमने वाला नहीं है। यह प्राथमिक शिक्षा और बेरोजगार जेबीटी अध्यापकों के अस्तित्व की लड़ाई है।”

रमेश शर्मा (अध्यक्ष) एवं रजनीश कौशिक (महासचिव)
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