दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करते हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, कैबिनेट विस्तार पर चर्चा।

हिमाचल में बड़े सियासी उलटफेर के संकेत: कैबिनेट विस्तार से पहले दिल्ली में खड़गे से मिले डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री; संगठन, निगम चुनाव और कांगड़ा के ‘गढ़’ पर गहरा मंथन

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​पंजाब दस्तक ब्यूरो, शिमला सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ
​शिमला/नई दिल्ली:

हिमाचल प्रदेश की सियासत में इन दिनों दिल्ली से लेकर शिमला तक भारी हलचल देखने को मिल रही है। राज्य में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। बंद कमरे में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।


​संगठन की मजबूती और निगम-पंचायत चुनाव पर हुई ‘गहरी समीक्षा’
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सिर्फ मंत्रिमंडल विस्तार ही नहीं, बल्कि सरकार और संगठन के कामकाज को लेकर बेहद गंभीर और बारीक चर्चा हुई है। हाल ही में हुए स्थानीय निकायों, कुछ निगमों और पंचायत स्तर के चुनावों में कांग्रेस की स्थिति को लेकर भी मंथन किया गया। दरअसल, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई जगह कॉरपोरेशनों (नगर निगमों) और स्थानीय चुनावों में कांग्रेस को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है और पार्टी कुछ मोर्चों पर पिछड़ती हुई दिखी है। हाईकमान इस बात को लेकर बेहद गंभीर है कि आगामी चुनौतियों से पहले संगठन की इन कमियों को कैसे दूर किया जाए। मुकेश अग्निहोत्री और खड़गे के बीच इस हार-जीत के समीकरणों और डैमेज कंट्रोल को लेकर लंबी रणनीतिक चर्चा हुई है।


​एक खाली पद और फेरबदल की सुगबुगाहट
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में एक पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है, जिसे भरे जाने का इंतजार न सिर्फ विधायकों को है, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता को है। पिछले दिनों शिमला में हुई प्रदेश कांग्रेस की आम सभा में प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने भी साफ तौर पर मंत्रिमंडल में फेरबदल और बदलाव की बात कही थी। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट कर दिया था कि कैबिनेट के इस रिक्त पद को भरा जाना तय है, लेकिन इस पर अंतिम मुहर पार्टी हाईकमान को ही लगानी है। उप-मुख्यमंत्री की खड़गे से इस मुलाकात को इसी ‘अंतिम फैसले’ की कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।


​धर्मशाला में कांगड़ा राजनीतिक मामलों की समिति पर टिकी नजरें
दिल्ली के इस सियासी दौर के ठीक बाद अब सबकी नजरें धर्मशाला पर टिक गई हैं। धर्मशाला में जल्द ही ‘कांगड़ा राजनीति मामलों की समिति’ की एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रस्तावित बैठक होने जा रही है। हिमाचल की सत्ता का रास्ता कांगड़ा से होकर ही गुजरता है, ऐसे में इस बैठक में सरकार और संगठन से जुड़े कई संवेदनशील और बड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की पूरी संभावना है।


​राजनीतिक पंडितों और जानकारों का साफ तौर पर मानना है कि दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ हुए इस गहरे मंथन का असर धर्मशाला की बैठक में साफ देखने को मिल सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी बैठक के आसपास या ठीक बाद हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।


​अब देखना यह होगा कि दिल्ली दरबार में मुकेश अग्निहोत्री की इस मुलाकात के बाद शिमला की कैबिनेट में किसे जगह मिलती है और संगठन को धार देने के लिए कांग्रेस क्या नया मास्टरस्ट्रोक खेलती है।


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