हिमाचल में 300 यूनिट फ्री बिजली: एक परिवार दो मीटर नियम की तैयारी

​सुखू सरकार की बड़ी तैयारी: हिमाचल में 300 यूनिट फ्री बिजली की गारंटी होगी पूरी, पर ‘एक घर, कई मीटर’ से मिल रही बेलगाम सब्सिडी पर लगेगी लगाम!

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पंजाब दस्तक
​- सुरेंद्र राणा
​शिमला।

हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुखू सरकार जनता से किया अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी है। प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को जल्द ही 300 यूनिट मुफ्त बिजली का तोहफा मिलने जा रहा है। लेकिन इस बड़ी राहत के साथ ही सरकार व्यवस्था में चल रहे एक बड़े लूपहोल और सरकारी खजाने पर पड़ रहे अनुचित बोझ को रोकने के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव करने की तैयारी में है।


​अब प्रदेश में मुफ्त बिजली के नाम पर होने वाले इस भारी दुरुपयोग को रोकने के लिए ‘एक परिवार, सिर्फ दो मीटर’ का सख्त फॉर्मूला लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत अब प्रति परिवार अधिकतम दो बिजली मीटरों पर ही सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।


​अधिकारियों को दो-टूक: चुनावी वादा भी पूरा होगा और रुकेगी धांधली!
​बिजली बोर्ड और विद्युत विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। सीएम ने साफ कहा कि कांग्रेस जनता से किया अपना वादा हर हाल में पूरा करेगी और फ्री बिजली को 125 यूनिट से बढ़ाकर 300 यूनिट करेगी, लेकिन इसकी आड़ में चल रहे सब्सिडी के खेल को अब रोका जाएगा। बोर्ड को इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी कानूनी and प्रशासनिक संभावनाएं तलाशने के आदेश दे दिए गए हैं।


​एक-एक घर में लगे हैं कई-कई मीटर; पिछली योजना का हुआ है भारी मिसयूज
​विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि पिछली सरकार द्वारा दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा फायदा उठाया जा रहा था। राज्य के कई हिस्सों में यह देखा गया है कि एक ही बड़े संयुक्त परिवार या एक ही परिसर में कई-कई मीटर लगे हुए हैं। चूंकि नियम के मुताबिक हर मीटर पर मुफ्त यूनिट मिल रही थी, इसलिए लोग अलग-अलग मीटरों के जरिए इस राहत का अनुचित लाभ उठा रहे थे। इससे सरकार की सब्सिडी का एक बड़ा हिस्सा वहां जा रहा था जहां इसकी जरूरत नहीं थी, और राज्य बिजली बोर्ड पर वित्तीय बोझ बढ़ता जा रहा था।


​अब नई व्यवस्था के तहत इस लूपहोल को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। जब प्रति परिवार केवल दो ही मीटरों पर सब्सिडी तय होगी, तो इसका बेजा इस्तेमाल रुकेगा और बिजली बोर्ड व वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं दोनों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।


​आर्थिक संकट के बीच संतुलन की बड़ी कोशिश
यह बात किसी से छिपी नहीं है कि हिमाचल सरकार इस समय गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है और व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 700 करोड़ रुपए का नया कर्ज (ऋण) भी लिया जा रहा है। ऐसे मुश्किल दौर में 300 यूनिट फ्री बिजली देना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। लेकिन सुखू सरकार ने अंधाधुंध मीटरों पर मिल रही सब्सिडी को सीमित करके एक ऐसा संतुलित रास्ता निकाला है, जिससे खजाने पर ज्यादा बोझ भी नहीं बढ़ेगा और जनता को बड़ी राहत भी मिल जाएगी।


​SJVNL से विवाद के बीच पावर कॉरपोरेशन को मिलेंगे तीन बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट
​इस अहम समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुखू ने एक और बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। SJVNL (सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड) के साथ जिन तीन प्रमुख पनबिजली परियोजनाओं पर लंबे समय से विवाद चल रहा है, सरकार अब उन्हें पूरी तरह राज्य के अधीन लेने जा रही है। सीएम ने संकेत दिए हैं कि इन प्रोजेक्ट्स पर अब तक हुआ खर्च चुकता कर दिया जाएगा और इन्हें सीधे हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन को सौंप दिया जाएगा। इसके अलावा, ऊर्जा निदेशालय द्वारा बेची जा रही बिजली और लंबे समय से फंसे हुए बकाया बिलों की वसूली को लेकर भी सीएम ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।


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