विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा,शिमला:हिमाचल प्रदेश सचिवालय के गलियारों में आज उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बीच आर-पार की चर्चा हुई। पंजाब दस्तक को मिली विशेष जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की जायज मांगों को देखते हुए प्रशासन को सख्त लहजे में ‘एक्शन मोड’ में आने के आदेश दिए हैं। अब अधिकारियों के पास बहाने बनाने का वक्त खत्म हो चुका है।खबर का पूरा विस्तार: सचिवालय से सीधी रिपोर्टमुख्यमंत्री की दो टूक: ‘4 दिन में हिसाब चुकता करे विभाग’मुख्यमंत्री ने सचिवालय में हुई बैठक में साफ तौर पर कहा कि चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) के पेंशनरों का जितना भी बकाया एरियर है, उसे अगले 4 दिनों के भीतर उनके बैंक खातों में पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि बुजुर्गों के हक की फाइलें रोकने वाले अधिकारियों की अब जवाबदेही तय होगी।31 जुलाई की लक्ष्मण रेखा: 40% एरियर का रास्ता साफपेंशनरों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर संशोधित वेतनमान के बकाया एरियर को लेकर आई है। बैठक में यह तय हुआ है कि 1-1-2016 से 31-1-2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के एरियर की 40% राशि का भुगतान 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में कर दिया जाएगा।मेडिकल बिलों पर तत्काल कार्रवाई के आदेशपेंशनरों के स्वास्थ्य से जुड़े मेडिकल रीइंबर्समेंट के जो बिल महीनों से फाइलों में दबे थे, उन्हें भी 4 दिनों के भीतर क्लियर करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इलाज के पैसों के लिए किसी भी बुजुर्ग को दफ्तरों की सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़ेंगी।नई ऊर्जा के साथ JCC की तैयारीबैठक में पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता सुरेश ठाकुर और नए प्रतिनिधिमंडल ने पूरी मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा। समिति के नए नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल आश्वासनों से मानने वाले नहीं हैं। नतीजतन, मुख्यमंत्री ने जुलाई 2026 में ‘संयुक्त सलाहकार समिति’ (JCC) की विशेष बैठक बुलाने का लिखित आश्वासन दिया है।OPS का कवच रहेगा बरकरारमुख्यमंत्री ने दोहराया कि भले ही वित्तीय पाबंदियां हों, लेकिन हिमाचल की पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर आंच नहीं आने दी जाएगी। यह पेंशनरों के सामाजिक सम्मान की लड़ाई है जिसे सरकार हर हाल में लड़ेगी।विशेष अपील:सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए फॉलो करें पंजाब दस्तक। हम आपके हक की हर आवाज़ को सरकार तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
