शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश में माैसम लगातार खराब बना हुआ है। कई इलाकों में ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों की चिंता बढ़ गई है। राजधानी शिमला में मंगलवार दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। शहर में तीन से चार बजे के दौरान 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। भारी बारिश से शहर की कई सड़कों में मलबा जमा होने से जलभराव की स्थिति बनी रही। कुफरी, मशोबरा, करसोग और राजगढ़ में भारी ओलावृष्टि होने से सड़कें और बगीचे सफेद हो गए। धौलाकुआं, पांवटा साहिब में अंधड़ चला। रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर मंगलवार को हल्की बर्फबारी हुई। ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर में मंगलवार को धूप खिली रही। मैदानी जिलों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई।
करसोग क्षेत्र के पांगणा, मसोग और सुईं-कुफरीधार में मंगलवार दोपहर बाद ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को सफेद चादर से ढक दिया। हालात ऐसे बन गए कि खेतों और बगीचों में ओलों की मोटी परत जम गई, जिससे किसानों और बागवानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। सेब, बादाम, खुमानी, प्लम और आड़ू के पेड़ों पर लगे फल जमीन पर गिर गए, जबकि मटर और बीन्स की फसलें भी नष्ट हो गईं। वहीं आइसबर्ग, लेट्यूस, पार्सले, सेलेरी, लीक, जुकीनी, चाइनीज गोभी और पोकचोय जैसी पत्तेदार सब्जियां पूरी तरह नष्ट हो गईं। सिरमौर में बारिश और ओलावृष्टि से नकदी फसलों और फलदार पौधों को नुकसान पहुंचा है।
