शिमला/सोलन | ब्यूरो चीफ: सुरेंद्र राणा
हिमाचल प्रदेश का चेस्टर हिल जमीन घोटाला अब और भी गहराता जा रहा है। पूर्व मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मौजूदा मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने जोरदार पलटवार किया है। इस मामले में अब न केवल सोलन, बल्कि परवाणु और कसौली में खरीदी गई संपत्तियों की भी उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता का जवाब: “डीसी कर रहे हैं कार्यवाही”
बाल्दी के आरोपों पर मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने दो-टूक कहा कि इस मामले में डीसी सोलन पूरी तरह सक्रिय हैं और नियमानुसार कार्यवाही कर रहे हैं। बाल्दी के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिकायत करने के सवाल पर गुप्ता ने बेबाकी से कहा, “बाल्दी जी मुख्यमंत्री से बात करें, उन्हें पूरा अधिकार है। मुख्यमंत्री जी को मामले की पूरी जानकारी है।” ### अवैध आदेशों और फ्लैटों की बिक्री पर घमासान
रिपोर्ट के अनुसार, नगर नियोजन (Town Planning) नियमों के विरुद्ध जाकर परवाणु और कसौली में फ्लैट बेचने के लिए अनुमति देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बाल्दी का आरोप है कि इस तरह की अनुमति केवल एसडीएम राजस्व ही दे सकते हैं, लेकिन यहाँ नियमों को दरकिनार किया गया। उन्होंने मांग की है कि सरकार को उन सभी अवैध आदेशों को तुरंत रद्द करना चाहिए, जिसके सहारे अधिकारी अनाधिकृत निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं।
परवाणु और कसौली की संपत्तियां रडार पर
जांच का दायरा अब सोलन से बढ़कर परवाणु और कसौली तक फैल गया है। प्रशासन इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि क्या इन क्षेत्रों में भी फ्लैट बनाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर जमीनें खरीदी गई हैं।
गोपनीयता भंग होने पर भड़के मुख्य सचिव
संजय गुप्ता ने इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया कि विभाग की गोपनीय फाइलें बाहर कैसे आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “बाल्दी को इन अंदरूनी बातों का पता कैसे लगा?” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह सूचनाएं सोशल मीडिया के जरिए लीक की गई हैं, तो इसमें शामिल दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि रिकॉर्ड के लिए उन्होंने रेरा (RERA) अध्यक्ष को पहले ही पत्र लिखा है।
डीसी सोलन की चेतावनी: जमीन होगी सरकारी
डीसी सोलन मनमोहन सिंह शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि परवाणु, कसौली या सोलन में कहीं भी धारा 118 या अन्य राजस्व कानूनों का उल्लंघन पाया गया, तो उन सभी संपत्तियों और जमीनों को तुरंत जब्त कर सरकार के नाम (निहित) कर दिया जाएगा।
पंजाब दस्तक की विशेष टिप्पणी: करोड़ों के इस जमीन सौदे ने हिमाचल की ब्यूरोक्रेसी में भूचाल ला दिया है। एक तरफ नियमों की दुहाई है और दूसरी तरफ रसूखदार अधिकारियों के बीच की जंग। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री के अगले कदम पर टिकी हैं।
