सीएम सुक्खू बोले- पूर्व विधायकों की पेंशन बंद करने के विधेयक का करेंगे अध्ययन

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शिमला, सुरेंद्र राणा: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व विधायकों की पेंशन बंद करने के मामले में हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया है, सरकार उसका अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायकों ने कांग्रेस पार्टी को छोड़ा। सुक्खू ने यह बात नई दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के जिस चुनाव चिह्न पर वे जीतकर आए थे, उसे उन्होंने धोखा दिया। धोखा देने के बाद वह जनता की अदालत में गए और चुनाव नहीं जीत सके। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार ने एक विधेयक लाया। इसमें कहा गया कि जो पार्टी को धोखा देता है, विधेयक में उनकी पेंशन बंद करने का प्रावधान किया गया। इस बारे में दोबारा से एक विधेयक पास किया गया। उसमें भी पेंशन बंद करने की व्यवस्था की गई है।यह उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर को पेंशन एवं एरियर का भुगतान एक महीने के अंदर जारी करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि अगर एक महीने के अंदर भुगतान नहीं किया गया तो इसे छह प्रतिशत ब्याज के साथ देना होगा। वर्ष 2024 में दल बदलने के बाद छह विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया। इन पूर्व कांग्रेस विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी और इन्होंने भाजपा का दामन थामा तो इन पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की गई। इनमें से पूर्व विधायकों राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर की पेंशन को रोक दिया गया है। उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर यह निर्णय आया है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री भी इस फैसले पर अध्ययन की बात कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व विधायकों की पेंशन बंद करने के मामले में हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया है, सरकार उसका अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायकों ने कांग्रेस पार्टी को छोड़ा। सुक्खू ने यह बात नई दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के जिस चुनाव चिह्न पर वे जीतकर आए थे, उसे उन्होंने धोखा दिया। धोखा देने के बाद वह जनता की अदालत में गए और चुनाव नहीं जीत सके। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार ने एक विधेयक लाया। इसमें कहा गया कि जो पार्टी को धोखा देता है, विधेयक में उनकी पेंशन बंद करने का प्रावधान किया गया। इस बारे में दोबारा से एक विधेयक पास किया गया। उसमें भी पेंशन बंद करने की व्यवस्था की गई है।

यह उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर को पेंशन एवं एरियर का भुगतान एक महीने के अंदर जारी करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि अगर एक महीने के अंदर भुगतान नहीं किया गया तो इसे छह प्रतिशत ब्याज के साथ देना होगा। वर्ष 2024 में दल बदलने के बाद छह विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया। इन पूर्व कांग्रेस विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी और इन्होंने भाजपा का दामन थामा तो इन पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की गई। इनमें से पूर्व विधायकों राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर की पेंशन को रोक दिया गया है। उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर यह निर्णय आया है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री भी इस फैसले पर अध्ययन की बात कर चुके हैं।

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