शिमला, सुरेंद्र राणा: चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय के बाहर ग्रेनेड हमले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक शिमला जिला के रोहड़ू का रहने वाला है, जिसकी पहचान रूबल चौहान निवासी गांव भागदार के रूप में हुई है। इस मामले में संयुक्त कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग और चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, हमले के सिलसिले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई दोनों एजेंसियों के समन्वय से की गई, जिससे मामले का खुलासा संभव हो पाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से इस वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हमले के पीछे के मकसद व नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। रोहड़ू क्षेत्र से जुड़े ग्रेनेड हमले के आरोपी रूबल चौहान को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि रूबल चौहान सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था और उसका शैक्षणिक व पारिवारिक रिकॉर्ड अब तक सामान्य और विवाद रहित रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, रूबल चौहान के दादा दिल्ली में संसद भवन में कार्यरत रहे हैं, जबकि उसके पिता सुरेंद्र चौहान दिल्ली में निजी व्यवसाय करते हैं। रूबल की माता का मायका कोटखाई के टाऊ गांव में है, जहां उसने अपनी 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। इसके बाद उसे उच्च शिक्षा के लिए चंडीगढ़ चला गया, जहां उसने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। टिक्कर पंचायत के प्रतिनिधियों और उसके चाचा दौलत चौहान के अनुसार, रूबल का अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड साफ रहा है। स्थानीय स्तर पर उसके खिलाफ कभी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। न ही पुलिस थाना कोटखाई और न ही रोहड़ू में उसके खिलाफ कोई शिकायत या केस सामने आया है। परिवार की पृष्ठभूमि भी सामान्य बताई जा रही है, जिससे इस घटना ने क्षेत्र में लोगों को हैरान कर दिया है।
