राजधानी शिमला में कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावित होने के आसार बन गए हैं। सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के विरोध में नगर निगम शिमला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को सोसायटी से जुड़े कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो शनिवार से शहर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
सैहब सोसायटी के करीब 34 सुपरवाइजरों को फरवरी महीने का वेतन नहीं मिला है। इसी को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो वे काम बंद कर देंगे, जिससे शहर में कूड़ा उठाने का काम ठप हो सकता है।
सैहब सोसायटी के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि नगर निगम कमिश्नर ने 34 सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है और इसकी वजह बायोमेट्रिक से हाजिरी न लगाना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत है। कर्मचारी बायोमेट्रिक प्रणाली का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन पहले उनकी लंबित मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जबकि दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारियों को नगर निगम में मर्ज करने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो शनिवार से सैहब सोसायटी के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा और शिमला में कूड़ा उठाने का काम ठप हो सकता है।
बाईट,,,जसवंत सिंह, अध्यक्ष सैहब सोसाइटी नगर निगम शिमला।
शिमला, सुरेंद्र राणा: शिमला में कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावित होने के आसार बन गए हैं। सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के विरोध में नगर निगम शिमला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को सोसायटी से जुड़े कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो शनिवार से शहर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
सैहब सोसायटी के करीब 34 सुपरवाइजरों को फरवरी महीने का वेतन नहीं मिला है। इसी को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो वे काम बंद कर देंगे, जिससे शहर में कूड़ा उठाने का काम ठप हो सकता है।
सैहब सोसायटी के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि नगर निगम कमिश्नर ने 34 सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है और इसकी वजह बायोमेट्रिक से हाजिरी न लगाना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत है। कर्मचारी बायोमेट्रिक प्रणाली का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन पहले उनकी लंबित मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जबकि दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारियों को नगर निगम में मर्ज करने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो शनिवार से सैहब सोसायटी के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा और शिमला में कूड़ा उठाने का काम ठप हो सकता है।
