वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क (एजेंसियों के हवाले से): अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की गई ‘एपस्टीन फाइल्स’ ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। इन आधिकारिक दस्तावेजों में अमेरिकी राष्ट्रपति पर एक 13 साल की नाबालिग के साथ दुर्व्यवहार के पुराने आरोप फिर से चर्चा में आ गए हैं।खबर के मुख्य तथ्य:नाबालिग से जुड़ा मामला: यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसमें एक नाबालिग लड़की का जिक्र है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।एजेंसियों की रिपोर्ट: ‘रॉयटर्स’ और ‘एसोसिएटेड प्रेस’ जैसी बड़ी वैश्विक एजेंसियों ने इस पर विस्तार से जानकारी दी है। हालांकि ये आरोप 1994 के बताए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी दस्तावेजों (FBI Files) में इनका सार्वजनिक होना ही इस खबर की गंभीरता को दर्शाता है।व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति कार्यालय ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘राजनीतिक साजिश’ और ‘पूरी तरह फर्जी’ करार दिया है।निष्कर्ष:चूंकि यह मामला अमेरिका से जुड़ा है और भारत में भी इसे बड़े स्तर पर देखा जा रहा है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कानून और नैतिकता के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। नियम और मर्यादा के चलते दुनिया भर की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या इन पुराने दस्तावेजों के आधार पर कोई नई कानूनी कार्रवाई होगी या यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा।
