चंडीगढ़, पंजाब दस्तक (सुरेंद्र राणा):
कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, और जब ‘पंजाब दस्तक’ की पैनी नजर किसी भ्रष्ट तंत्र पर पड़ती है, तो बड़े से बड़े मगरमच्छ का भी बचना नामुमकिन हो जाता है। हरियाणा के प्रशासनिक गलियारे से चंडीगढ़ में एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश के ब्यूरोक्रेसी सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। सरकारी धन को दीमक की तरह चाटने वाले एक और महाभ्रष्ट आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उस वक्त दबोच लिया, जब वे अपनी रिटायरमेंट की विदाई पार्टी की तैयारी में थे। ठीक 1 घंटे पहले सीबीआई ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
169 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले में यह तीसरे बड़े आईएएस की गिरफ्तारी है। ‘पंजाब दस्तक’ आज इन सफेदपोश साहबों की काली करतूतों का पूरा कच्चा चिट्ठा आपके सामने खोलने जा रहा है।
शानदार बंगला, गाड़ी, नौकर-चाकर… फिर भी पैसों की ये कैसी ‘भूख’?
सवाल यह उठता है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सर्विस परीक्षा पास करके आने वाले इन आईएएस अफसरों को आखिर किस चीज की कमी होती है?
सरकार इन्हें रहने के लिए आलीशान कोठियां देती है।
घूमने के लिए चमचमाती गाड़ियां और आगे-पीछे घूमने वाले रसूखदार ड्राइवर मिलते हैं।
समाज में वो मान-सम्मान और प्रोटोकॉल मिलता है जिसकी आम जनता सिर्फ कल्पना कर सकती है।
महीने के लाखों रुपये की मोटी तनख्वाह और भत्ते अलग से मिलते हैं।
लेकिन इसके बावजूद, कुछ भ्रष्ट अफसरों की पैसों की ‘अंधी भूख’ कभी शांत नहीं होती। देश के कुछ ऐसे ही चंद लालची अफसरों ने मिलकर आज हमारे गौरवशाली भारतवर्ष को भीतर से खोखला करने की कसम खा रखी है। जब इन अफसरों के घरों और गुप्त ठिकानों पर रेड पड़ती है, तो गद्दों और दीवारों से नोटों के पहाड़ निकलते हैं। आखिर देश की जनता के टैक्स के पैसे पर ऐश करने वाले इन साहबों का जमीर इतना कैसे गिर जाता है?
बिना रिकॉर्ड के खोल डाला सरकारी बैंक खाता, सदस्य सचिव के रूप में प्रदीप कुमार का सीधा कनेक्शन
’पंजाब दस्तक’ के हाथ लगी पुख्ता जानकारी के मुताबिक, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के तत्कालीन सदस्य सचिव रहते हुए आईएएस प्रदीप कुमार ही अपने स्तर पर निवेश संबंधी सभी कार्य खुद संभालते थे। उनकी नाक के नीचे और सीधी मिलीभगत से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
दस्तावेज तक गायब:
तफ्तीश में यह हैरान करने वाला सच सामने आया है कि सावधि जमा (FD) के नाम पर निर्धारित सीमा से कहीं अधिक धनराशि चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में भेजी गई थी। यह पूरी रकम पहले बैंक की शाखा में खोले गए एक खाते में स्थानांतरित की गई। आश्चर्यजनक रूप से विभाग इस खाते के खुलने से संबंधित कोई भी दस्तावेज आज तक प्रस्तुत नहीं कर सका है।
साजिश इतनी गहरी थी कि बिना किसी अप्रूवल के खाता खोलकर एफडी के नाम पर भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई, लेकिन बैंक में कोई एफडी बनाई ही नहीं गई। इसके बजाय, उस खाते में धोखाधड़ी पूर्ण डेबिट लेनदेन (फर्जी तरीके से पैसे निकालने) के जरिए सरकारी धन का खुला गबन हुआ, जिससे हरियाणा सरकार को सीधे 169 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।
8 विभागों के ₹504 करोड़ शेल कंपनियों में डायवर्ट, 17 आरोपियों पर चार्जशीट
यह घोटाला कोई छोटा-मोटा खेल नहीं है। जब मामले की जांच विजिलेंस से लेकर सीबीआई को सौंपी गई, तो परत-दर-परत इस महाघोटाले का सच बाहर आने लगा।
504 करोड़ की जालसाजी: इस बड़े बैंक घोटाले में हरियाणा सरकार के 8 अलग-अलग विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी एफडी और फर्जी बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए निकालकर शेल (फर्जी) कंपनियों के खातों में डायवर्ट किए गए।
CBI की बड़ी कार्रवाई: सीबीआई इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें बड़े बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, निजी कंपनियां और कई अन्य आरोपी शामिल हैं।
दो आईएएस पहले ही अंदर: इस महाघोटाले की गाज गिरने के बाद सरकार दो सीनियर आईएएस अधिकारियों—आर.के. सिंह और प्रदीप कुमार को पहले ही सस्पेंड कर चुकी थी और सीबीआई दो वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
भाग रहे थे साहब, लोकेशन ट्रेस कर दबोचा; ‘पंजाब दस्तक’ की है हर भ्रष्ट पर नजर
सीबीआई के मुताबिक, आईएएस प्रदीप कुमार खुद को कानून से ऊपर समझ रहे थे। वे लंबे समय से जांच एजेंसियों को गुमराह कर रहे थे और बार-बार समन भेजने के बाद भी हाजिर नहीं हो रहे थे। लेकिन वे भूल गए कि गुनाहगार कितना भी शातिर क्यों न हो, एक दिन उसका हिसाब जरूर होता है। सीबीआई की टीम ने उनकी सटीक लोकेशन को ट्रेस किया और ठीक उस वक्त दबोचा जब वे आज ही के दिन सरकारी सेवा से मुक्त होने जा रहे थे।
पंजाब दस्तक का बड़ा संकल्प: हर राज्य के भ्रष्ट IAS अफसरों पर रहेगी हमारी पैनी नजर!
देश के संसाधनों को लूटकर अपनी तिजोरियां भरने वाले इन भ्रष्ट चेहरों को बेनकाब करने का हमारा अभियान रुकने वाला नहीं है। चाहे हरियाणा हो, पंजाब हो, हिमाचल हो या देश का कोई भी राज्य—जनता की गाढ़ी कमाई को डकारने वाले किसी भी बड़े रसूखदार आईएएस-आईपीएस अफसर को ‘पंजाब दस्तक’ बख्शने वाला नहीं है। हमारी तीखी और पैनी नजर देश को खोखला करने वाले हर भ्रष्ट अधिकारी पर चौबीसों घंटे बनी हुई है।
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