शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में राजस्व घाटा अनुदान को लेकर चल रही लड़ाई में नया मोड़ आ गया है। सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत दोपहर बाद 2 बजे राज्यपाल अभिभाषण से होनी थी, लेकिन गवर्नर शिव प्रताप शुक्ल ने सरकार की ओर से दिए गए अभिभाषण को पूरा नहीं पढ़ा। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान पैरा 7 से 16 तक जो लिखा गया है, वह संवैधानिक मर्यादा के तहत मैं नहीं पढ़ सकता।
पैरा 17 से सरकार ने अपने काम का जिक्र किया है। यह विधायकों को जरूर पढऩा चाहिए। विधानसभा और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने 2 मिनट के भीतर अपना वक्तव्य पूरा कर लिया। इसके बाद स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया को सदन की कार्यवाही 2:45 तक स्थगित करनी पड़ी।
