सर्वदलीय बैठक की गंभीरता संदिग्ध सत्तारूढ़ दल के प्रमुख नेता ही रहे अनुपस्थित””वित्त आयोग, टैक्स डिवोल्यूशन और केंद्रीय योजनाओं से ऐतिहासिक सहयोग – फिर भी संकट का शोर क्यों?

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शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल की राजनीति में RDG के बंद होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि 40 महीने पहले हिमाचल प्रदेश में जो सरकार सत्ता में आई, वह हर छह महीने अपनी नाकामियों और गलत फैसलों का ठीकरा भाजपा पर फोड़ने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि सरकार के हर एक्शन में जनता को दी गई गारंटियों का दबाव साफ दिखता है, लेकिन कांग्रेस की गारंटियों के लिए पैसे का इंतजाम भाजपा नहीं करेगी।

डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष शामिल नहीं हुए, जबकि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने बैठक में कांग्रेस का नेतृत्व किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सर्वदलीय बैठक राजनीतिक दृष्टि से पूर्व-नियोजित तरीके से बुलाई गई थी। बिंदल ने यह भी सवाल उठाए कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया? उन्होंने कहा कि भाजपा को ज्ञान देने की बजाय मुख्यमंत्री को खुद कुर्सी का मोह छोड़ने की नसीहत लेनी चाहिए। बिंदल ने कहा कि पहले की तुलना में प्रदेश को ढाई हजार करोड़ रुपये ज्यादा टैक्स डिवोल्यूशन मिलेगा। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले दस साल में हिमाचल को 88,600 करोड़ रुपये मिले, जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में हिमाचल को केवल 18 हजार करोड़ रुपये मिले थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में भी केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद में कोई भेदभाव नहीं हुआ, इसके बावजूद प्रदेश में जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया गया कि मानो प्रदेश की आर्थिकी ठीक नहीं है। बिंदल ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी हैं, आए दिन नई नौटंकी कर रही है और मनरेगा को लेकर पूरी सरकार धरने पर बैठ गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे केंद्र से प्रदेश में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पैसा लेकर आएं और सरकार अपनी फिजूलखर्ची कम करे। उन्होंने पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव रुकवाने के लिए प्रदेश सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन अंत में जनता की जीत हुई। भाजपा पर दोषारोपण करने की बजाय सुक्खू सरकार अपनी परफॉर्मेंस बताए और प्रदेश के विकास के लिए काम करे।

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