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शिमला, सुरेंद्र राणा:राज्य सचिवालय शिमला में दो दिन तक वित्तीय वर्ष 2026 -27 के विधायक प्राथमिकताओं की बैठकें आयोजित की जा रही है। आज पहले दिन दो चरणों में 7 जिलों ऊना, हमीरपुर, सिरमौर और बिलासपुर , चम्बा, लाहौल स्पीति व किन्नौर जिलों के विधायकों ने बैठक में हिस्सा लिया। विपक्ष के विधायकों ने राज्य सरकार पर विपक्ष के विधायकों को अनदेखी के आरोप लगाए जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बैठक में शामिल हुए ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के चलते फाइनेंशियल क्रंच की स्थिति पैदा हो गई है। विपक्षी विधायकों की प्राथमिकता वाले कामों की डीपीआर ठीक तरह से नहीं बनाई जा रही है।इसके अलावा पहली बार विधायक क्षेत्र विकास निधि भी बंद कर दी गई है। एक साल में अब तक केवल दो किस्तें जारी की गई है। इसके अलावा विधायक ऐच्छिक निधि भी नहीं दी जा रही है। सत्ती ने कहा कि राज्य सरकार के पास पैसा न होने का परमानेंट बहाना है। पेमैंट न होने के कारण ठेकेदारों ने तैयार भवनों को राज्य सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया है कांग्रेस के विधायकों ने भी विकास कार्य न हो पाने की बात बैठक में रखी है।
इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस बार भाजपा विधायक विधायक प्राथमिकता की बैठक में शामिल हुए हैं इसके लिए उनका स्वागत है। पिछले वर्ष भाजपा के विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए थे। बैठक में भाजपा विधायकों की सभी बातें सुनी गई और मौके पर उनका निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।स्वास्थ्य सेवाओं के लिए PGI का लंबित 4 करोड़ रुपए तुरंत जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।।
