पंजाब दस्तक: जनजातीय ज़िला किन्नौर बुलेटिनबड़ी खबरें: किन्नौर में भूकंप के झटके, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और नेशनल हाईवे-5 पर यातायात की ताज़ा स्थितिरिपोर्ट: राजेंद्र 1
. किन्नौर में भूकंप के झटके: तड़के 3.5 तीव्रता की कंपन से सहमे लोगआज तड़के किन्नौर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई है। इसका केंद्र चांगो क्षेत्र के पास जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर था। गनीमत रही कि भूकंप से कहीं भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन कड़ाके की ठंड के बीच लोग घरों से बाहर निकल आए।
2. मौसम का मिजाज: कल्पा और चितकुल में ताज़ा हिमपात, समूचा जिला शीतलहर की चपेट मेंकिन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों कल्पा, चितकुल और रिकांगपिओ की ऊंची पहाड़ियों पर पिछले 24 घंटों में ताज़ा हिमपात हुआ है। इसके चलते तापमान शून्य से नीचे (-2°C तक) चला गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए बर्फीले तूफान (Avalanche) का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।3. नेशनल हाईवे-5 (NH-5): निगुलसरी और चौरा के पास पत्थर गिरने का खतरा, प्रशासन अलर्टकिन्नौर को शिमला से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग NH-5 फिलहाल सुचारू है, लेकिन निगुलसरी और चौरा जैसे संवेदनशील स्थानों पर रुक-रुक कर पत्थर गिर रहे हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मार्ग बहाली के लिए तैनात हैं। रात के समय सफर न करने की सलाह दी गई है।4. प्रशासनिक सक्रियता: उपायुक्त ने आपदा प्रबंधन इकाइयों को ‘स्टैंडबाय’ पर रहने के निर्देश दिएबर्फबारी और भूकंप की घटनाओं को देखते हुए उपायुक्त किन्नौर ने सभी उपमंडलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन की टीमों को सतर्क रहने को कहा है। राशन और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं।5. सांगला घाटी: भारी बर्फबारी के कारण संपर्क मार्ग अवरुद्ध, बहाली का काम तेज़सांगला और रक्षम की ओर जाने वाले कई संपर्क मार्ग ताज़ा बर्फबारी के कारण बंद हो गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग की मशीनरी सड़कों से बर्फ हटाने के काम में जुटी है ताकि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बाधित न हो।6. जनजातीय विकास: रिकांगपिओ में 8 करोड़ की लागत से निर्मित बहुमंजिला पार्किंग का लोकार्पणजिला मुख्यालय रिकांगपिओ में पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए नवनिर्मित बहुमंजिला पार्किंग स्थल को जनता को समर्पित कर दिया गया है। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को वाहनों को खड़ा करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।7. शिक्षा विभाग: जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में शीतकालीन अवकाश के बाद तैयारियों की समीक्षाशिक्षा विभाग ने जिले के उन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की है जो आने वाले दिनों में खुलने वाले हैं। भारी ठंड को देखते हुए स्कूलों में हीटिंग और बिजली की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।8. कृषि और बागवानी: बर्फबारी से सेब के बागानों को संजीवनी, बागवानों के चेहरे खिलेऊपरी किन्नौर के बागवानों के लिए यह बर्फबारी किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त बर्फबारी से सेब के पौधों के लिए जरूरी ‘चिलिंग आवर्स’ पूरे होंगे, जिससे आगामी सीजन में बेहतर फसल की उम्मीद है।9. स्वास्थ्य सेवाएँ: रिकांगपिओ अस्पताल में ब्लड बैंक की सुविधा को किया गया अपग्रेडक्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए ब्लड बैंक में नई मशीनें स्थापित की गई हैं। अब आपातकालीन स्थिति में मरीजों को रक्त के लिए बाहरी जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।10. पर्यटन: बर्फबारी का आनंद लेने किन्नौर पहुँच रहे सैलानी, होटलों में बढ़ी हलचलमौसम के बदलते मिजाज के बाद बाहरी राज्यों से सैलानियों ने किन्नौर का रुख करना शुरू कर दिया है। कल्पा और सांगला के होमस्टे में बुकिंग बढ़ गई है। प्रशासन ने पर्यटकों को केवल मुख्य मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।11. विद्युत आपूर्ति: भारी बर्फबारी के कारण पूह और मूरंग क्षेत्र में लाइनों में फॉल्टऊपरी किन्नौर के कुछ गांवों में बिजली की लाइनें भारी बर्फ के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। विद्युत बोर्ड के कर्मचारी कड़ाके की ठंड में भी लाइनों को दुरुस्त करने के काम में जुटे हैं ताकि जल्द बिजली बहाल की जा सके।12. जल शक्ति विभाग: पाइपलाइनों के जमने से पानी की किल्लत, वैकल्पिक व्यवस्था शुरूअत्यधिक ठंड के कारण कई स्थानों पर पानी की पाइपलाइनें जम गई हैं। विभाग ने प्रभावित गांवों में टैंकरों या वैकल्पिक स्रोतों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।13. वन्यजीव अलर्ट: रिहायशी इलाकों के पास जंगली जानवरों की हलचल बढ़ीभारी बर्फबारी के कारण जंगली जानवर भोजन की तलाश में निचले रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और पशुओं की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करने को कहा है।14. कानून व्यवस्था: सीमावर्ती क्षेत्रों में आईटीबीपी और पुलिस की संयुक्त गश्त तेज़अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण किन्नौर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जा रही है। पुलिस और अर्धसैनिक बल संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रहे हैं।15. संस्कृति: दिल्ली में एनसीसी कैडेट्स ने बिखेरी किन्नौर की संस्कृति की छटागणतंत्र दिवस समारोह के उपलक्ष्य में दिल्ली पहुँचे किन्नौर के एनसीसी कैडेट्स ने अपनी समृद्ध संस्कृति और लोक नृत्य से सबका मन मोह लिया। जिले में लौटने पर इन युवाओं का भव्य स्वागत किया जाएगा।सब्सक्राइब और फॉलो करें: पंजाब दस्तकसटीक खबर, सबसे पहले।
