हिमाचल में फर्जी ई-चालान मैसेज से बढ़ा साइबर ठगी का खतरा, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में फर्जी ई-चालान मैसेज के जरिए साइबर ठगी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने लोगों को अलर्ट करते हुए कहा है कि व्हाट्सऐप और एसएमएस के माध्यम से ओवरस्पीड, रफ ड्राइविंग या ट्रिपल राइडिंग जैसे उल्लंघनों के नाम पर फेक ई-चालान भेजे जा रहे हैं। इन मैसेज में संदिग्ध लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड करने को कहा जाता है।पुलिस के अनुसार ये मैसेज देखने में सरकारी नोटिस जैसे लगते हैं, लेकिन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिससे बैंक डिटेल्स, ओटीपी, फोटो और कॉन्टैक्ट्स तक चोरी हो सकते हैं। कई मामलों में ठग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर धमकी भरे कॉल करते हैं और तुरंत भुगतान की मांग करते हैं। साइबर क्राइम विंग ने पुष्टि की है कि फेक आरटीओ ई-चालान स्कैम में एपीके फाइल्स के जरिए व्हाट्सऐप अकाउंट तक हैक किए जा रहे हैं।पुलिस के मुताबिक 2025 में ऐसे कई मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब 29 करोड़ रुपये की रिकवरी करवाई गई है। वहीं 2026 की शुरुआत में ही इस तरह के मामलों में तेज उछाल देखा गया है। शिमला, कांगड़ा और मंडी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।डीजीपी अशोक तिवारी और एसपी साइबर क्राइम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई एपीके फाइल डाउनलोड करें। यदि किसी तरह का संदेह हो तो तुरंत 1930 टोल फ्री साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें।साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार साल 2023 में 8000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें करीब 41 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। साल 2024 में 12000 से ज्यादा मामलों में लगभग 114 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जबकि 2025 में 18706 शिकायतें दर्ज हुईं और नुकसान 132 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।

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