चिट्टे के खिलाफ सरकार की बड़ी मुहिम,21 जनवरी को पंचायत जनरल हाउस में होगी विशेष चर्चा,विक्रमादित्य के बयान पर अनिरुद्ध सिंह बोले अपनी गलतियों को छुपाने के लिए अधिकारियों पर गाज गिराना सही नहीं, काम करवाना आना चाहिए।

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शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश में बढ़ते चिट्टा नशे पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार अब इसे जड़ से उखाड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ यह मुहिम पंचायत स्तर तक चलाई जाएगी। ताकि समाज की भागीदारी से इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

मंत्री ने बताया कि 21 जनवरी को पंचायतों के जनरल हाउस में चिट्टे की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा की जाएगी। प्रदेश की 3777 ग्राम पंचायतों में से 264 पंचायतें चिट्टे की ज्यादा चपेट में हैं, जिन्हें चिन्हित कर वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि सरकार नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रमों के साथ खेल आयोजनों का भी आयोजन करेगी। इसके लिए 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि खर्च की जाएगी, ताकि युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ा जा सके।
पंचायती राज मंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नशा कारोबार में संलिप्त किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में न केवल कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी।

वहीं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा प्रदेश में बाहरी राज्यों के अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अपनी गलतियों का ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ना उचित नहीं है, बल्कि मंत्रियों को भी अधिकारियों से काम लेना आना चाहिए।

मंत्री अनिरुद्ध सिंह शिमला के संजौली क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के चलते लोगों के घरों को हुए नुकसान को लेकर NHAI की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे हुए नुकसान की रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री तक पहुंचाई गई है। चलोंठी क्षेत्र में हुए नुकसान को लेकर प्रभावित भवनों का अधिग्रहण किया जा रहा है।
पंचायती राज चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार न्यायालय के फैसले का अध्ययन कर रही है और इस विषय पर आगामी कैबिनेट बैठक में भी चर्चा की जाएगी। उसके बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।

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