शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 30 अप्रैल तक पंचायती राज चुनाव करवाने के आदेश जारी किए हैं जिसके बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का बड़ा बयान सामने आया है। चुनावों को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़ी नाराजगी जताई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस समय डिजास्टर एक्ट लागू है और ऐसे हालात में अदालत का यह फैसला आया है, जिससे डिजास्टर एक्ट की प्रासंगिकता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजास्टर एक्ट केंद्र सरकार का कानून है, जिसे संसद ने पारित किया है। यदि आपदा की स्थिति में भी ऐसे फैसले आते हैं, तो फिर इस कानून के कोई मायने नहीं रह जाते। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे आदेश का गंभीरता से अध्ययन करेगी और कानून की सही व्याख्या किए जाने की जरूरत है। सीएम सुक्खू ने कहा कि हाल के समय में कई मामलों में अदालतों से आर्बिट्रेरी फैसले देखने को मिल रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पंचायत चुनावों के खिलाफ नहीं है। सरकार पहले से ही अप्रैल–मई के दौरान पंचायत चुनाव करवाने के पक्ष में थी, लेकिन आपदा की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए समय निर्धारण जरूरी था।
सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करती है, लेकिन आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी।
