पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पहले चरण का रण, क्या ममता का जादू चलेगा या भाजपा लगाएगी सेंध?

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कोलकाता/विशेष डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कल, 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण का महामुकाबला होने जा रहा है। राज्य की कुल 294 सीटों में से 152 सीटों पर पहले चरण में वोट डाले जाएंगे। इस बार का मुकाबला बेहद कड़ा है, जहाँ एक तरफ टीएमसी अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में है, वहीं भाजपा और तीसरा मोर्चा कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।प्रमुख पक्ष और समीकरण:तृणमूल कांग्रेस (TMC): मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं और ‘बंगाल की बेटी’ के नारे के साथ मैदान में हैं। टीएमसी को अपने मजबूत संगठन और महिला मतदाताओं पर पूरा भरोसा है।भारतीय जनता पार्टी (BJP): भाजपा इस बार ‘परिवर्तन’ के संकल्प के साथ उतरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रैलियों ने बंगाल के चुनावी माहौल को गरमा दिया है। भाजपा भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों पर ममता सरकार को घेर रही है।कांग्रेस और वामपंथी मोर्चा: राज्य में इस बार त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है। कांग्रेस और लेफ्ट का गठबंधन कई सीटों पर मजबूत दिख रहा है, जो दोनों बड़ी पार्टियों के समीकरण बिगाड़ सकता है।पहले चरण की बड़ी बातें:हॉट सीट नंदीग्राम: इस चरण में सबकी नजरें नंदीग्राम पर टिकी हैं, जहाँ भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी की साख दांव पर है।उत्तर बंगाल का जोर: पहले चरण में उत्तर बंगाल (North Bengal) के जिलों जैसे कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में मतदान होना है, जो भाजपा का मजबूत गढ़ माने जाते हैं।सुरक्षा का पहरा: निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2400 से ज्यादा कंपनियां तैनात की हैं।किसका पलड़ा भारी?राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार लड़ाई ‘कांटे की’ है। जहाँ टीएमसी का ग्रामीण क्षेत्रों में दबदबा है, वहीं शहरी और उत्तर बंगाल के इलाकों में भाजपा मजबूती से खड़ी है। तीसरे मोर्चे की सक्रियता ने इस मुकाबले को और भी सस्पेंस भरा बना दिया है। जनता का असली फैसला 4 मई, 2026 को नतीजों के साथ साफ होगा।ताजा खबरों के लिए देखते रहें ‘पंजाब दस्तक’।हमें फॉलो करें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए ‘पंजाब दस्तक’ को सब्सक्राइब करें।

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