हिमाचल राज्य उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के मुख्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने पर राज्य सरकार सहित अन्य विभागों को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने यह नोटिस याचिकाकर्ताओं की ओर से 50-50 हजार सद्भावना राशि जमा करने के बाद जारी किए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी। खंडपीठ ने इस मामले से संबंधित दायर एक जनहित याचिका और एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने को कहा है।याचिकाओं में सरकार की ओर से मुख्यालय को स्थानांतरित करने वाले नीतिगत निर्णय को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता जो निगम के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और कर्मचारियों की पंजीकृत यूनियन के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं, उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों की ओर से यह मामला दायर किया है। यह याचिका हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रधान कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने के फैसले के विरुद्ध दायर की गई है। याचिकाओं में राज्य पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के प्रधान सचिव और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को प्रतिवादी बनाया गया है।
