शिमला, सुरेन्द्र राणा:शिमला स्थित सरघीण में आयोजित हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा के 63वें स्थापना दिवस के राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की। मुख्यमंत्री ने गृह रक्षा, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन सेवा तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के सभी कर्मियों को बधाई दी और प्रदेश की सुरक्षा व विकास में उनके योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग ने वर्षभर में 708 खोज एवं बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरे किए, जिनमें 448 लोगों की जान बचाई गई। विभाग की दक्षता और त्वरित कार्रवाई से दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान से बचाया गया। इसके साथ ही एक हजार 35 स्थलों पर जल स्रोतों व जल निकायों का जीर्णोद्धार किया गया है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अग्निशमन सेवाओं में महिलाओं की भर्ती के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। वहीं प्रदेश में होम गार्ड की नई भर्ती भी जल्द शुरू होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अग्निशमन विभाग में देहा, उबादेश, नेरवा और इंदौरा में चार नई इकाइयां खोली गई हैं तथा 27 नए अग्निशमन वाहन खरीदे गए हैं। इन इकाइयों के लिए 150 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
अग्निशमन आधुनिकीकरण योजना के तहत 55 करोड़ रुपये और एसडीआरएफ की क्षमता बढ़ाने के लिए छह करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण खरीदे गए हैं। इनमें आपदा संभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए उन्नत ड्रोन भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि होम गार्ड महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश का प्रावधान कर उन्हें कार्यस्थल पर सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशा निवारण पर आधारित ‘‘मिरेकल ऑफ माइंड’’ ऐप भी लॉन्च किया, जिसे इशा फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किया गया है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली वाहनियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में ‘सुरक्षित हिमाचल’ का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें अग्निशमन और खोज एवं बचाव की मॉकड्रिल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अतिरिक्त महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने विभाग की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 11 हजार मॉकड्रिल, 3 हजार जागरूकता शिविर आयोजित कर दो लाख नागरिकों को प्रशिक्षित किया गया है।
