धर्मशाला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में अगर नगर निकाय क्षेत्र में यूजर चार्ज नहीं दिए तो इन्हें पिछले साल के संपत्ति कर के एरियर के साथ वसूल किया जाएगा। यह प्रावधान राज्य विधानसभा में वीरवार को पारित हिमाचल प्रदेश नगरपालिका द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 में किया गया है। 1994 के अधिनियम में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया गया है। विधेयक सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
यह भी प्रावधान किया है कि नगर निगम बनने से नगर परिषद की मौजूदा अवधि पर असर नहीं होगा। यदि किसी नगरपालिका क्षेत्र का कोई भाग कार्यकाल के दौरान नगर निगम क्षेत्र घोषित होता है तो नगर परिषद के सदस्यों की अवधि इसकी समाप्ति या विघटन तक कायम रहेगी। हालांकि, धारा – 24 में नया प्रावधान जोड़ा गया है कि उपायुक्त को अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के इस्तीफे को पंद्रह दिन के भीतर स्वीकार करना अनिवार्य होगा। नगर निकायों के सभी अभिलेखों के ऑडिट का काम राज्य लेखा परीक्षा विभाग को दिया गया है।
