शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश सरकार के हालिया कैबिनेट फैसले पर अब सियासत गर्मा गई है। शिमला नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच साल करने के निर्णय को लेकर विपक्ष ने सरकार पर नियमों की अनदेखी और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष शिमला केशव चौहान ने कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कैबिनेट में लिया गया यह फैसला पूरी तरह नियमों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए नगर निगम के नियमों को दरकिनार कर दिया है। यह फैसला उन योग्य पार्षदों के साथ धोखा है जो आरक्षण और काबिलियत के दायरे में आते हैं।
केशव चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार अब प्रदेश में नई-नई प्रथाएं शुरू कर रही है, जिनका सीधा नुकसान आम जनता को होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोअर बाजार का नाम बदलकर ‘लोअर मॉल’ करने जैसे फैसलों से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि पंचायत चुनावों से लेकर मेयर चुनाव तक से भागती हुई यह सरकार अपने लगभग तीन साल के विफल कार्यकाल को छिपाने की कोशिश कर रही है। चौहान ने कहा कि जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और ऐसे मनमाने फैसलों का उचित जवाब आने वाले चुनावों में देगी।
