RTI को कमजोर कर रही केंद्र सरकार

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह इसमें संशोधन कर सूचना के अधिकार, आरटीआई को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के नागरिकों को उनके अधिकार के तहत आरटीआई की सौगात दी थी, जिसके तहत देश का कोई भी नागरिक किसी भी सूचना को समयबद्ध प्राप्त करने का अधिकार रखता है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस आज देशभर में आरटीआई की 20वीं वर्षगांठ पर आज सभी राज्यों में इसके महत्व की जानकारी दे रही हैं। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल ने कहा है कि डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में आज के दिन 12 अक्तूबर, 2005 को देश के नागरिकों को ‘सूचना का अधिकार’ की सौगात दी थी। यह यूपीए सरकार की देश के प्रति प्रतिबद्धता सरकार के अधिकार आधारित एजेंडे की पहली कड़ी थी, जिसमें मनरेगा 2005, वन अधिकार अधिनियम 2006, शिक्षा का अधिकार 2009, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा का अधिकार अधिनियम 2013 व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 शामिल हैं।

पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए रजनी पाटिल ने कहा कि इन सब अधिनियमों का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को सामाजिक प्राधिकरणों के पास मौजूद जानकारी देना और उसे सशक्त बनाने का था जिससे नागरिकों के हक और उनके अधिकार सुरक्षित हो सकते। रजनी पाटिल ने कहा कि 2014 के बाद आरटीआई लगातार कमजोर की जा रही है, इससे हमारे देश की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक ढांचे पर आघात हुआ हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने इस दौरान कहा कि केंद्र सरकार ने समय समय पर इसमें संसोधन कर इसके उद्देश्य को कमजोर किया है।

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